Karnataka की कैबिनेट ने अनुसूचित जातियों (SC) के लिए 15 प्रतिशत आंतरिक आरक्षण को मंजूरी दे दी है। इस फैसले का उद्देश्य SC समुदाय के भीतर उप-वर्गों के बीच आरक्षण के लाभों का अधिक संतुलित वितरण सुनिश्चित करना बताया गया है।
सरकार के अनुसार, लंबे समय से यह मांग उठती रही है कि आरक्षण का लाभ कुछ विशेष उप-समुदायों तक सीमित रह जाता है, जबकि अन्य समूह अपेक्षाकृत वंचित रह जाते हैं। इस प्रस्तावित आंतरिक आरक्षण के जरिए इन असमानताओं को दूर करने की कोशिश की गई है।
इस निर्णय को लागू करने के लिए आवश्यक कानूनी और प्रशासनिक प्रक्रियाओं को आगे बढ़ाया जाएगा। साथ ही, संबंधित आंकड़ों और सामाजिक-आर्थिक अध्ययन के आधार पर उप-वर्गीकरण को व्यवस्थित किया जाएगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की नीतियां सामाजिक न्याय के दायरे को व्यापक बनाने में मदद कर सकती हैं, हालांकि इनके क्रियान्वयन और कानूनी वैधता पर भी चर्चा होती रही है।
यह कदम राज्य में सामाजिक और राजनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है, और आने वाले समय में इसके प्रभावों पर नजर रहेगी।
by Dainikshamtak on | 2026-04-25 13:59:21