एशिया-प्रशांत क्षेत्र की प्रमुख हाइपरस्केल डेटा सेंटर कंपनी एयरट्रंक भारत में 21 अरब डॉलर निवेश की योजना बना रही है, जिससे देश के डेटा सेंटर और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर नेटवर्क को बड़ा विस्तार मिलने की उम्मीद है। यह निवेश भारत में बढ़ती आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जरूरतों, क्लाउड कंप्यूटिंग मांग और डिजिटल सेवाओं के विस्तार के बीच आया है। कंपनी की यह योजना भारत को वैश्विक डिजिटल अर्थव्यवस्था में और मजबूत स्थिति दिला सकती है, क्योंकि बड़े पैमाने पर डेटा स्टोरेज, प्रोसेसिंग और एआई वर्कलोड के लिए उच्च क्षमता वाले इंफ्रास्ट्रक्चर की आवश्यकता लगातार बढ़ रही है। रिपोर्टों के अनुसार एयरट्रंक भारत में अपने परिचालन को आगे बढ़ाने और विभिन्न शहरों में डेटा सेंटर परिसरों के विकास पर काम कर रही है। यह निवेश न केवल तकनीकी क्षेत्र में नई पूंजी लाएगा, बल्कि निर्माण, पावर सप्लाई, नेटवर्क कनेक्टिविटी और संबंधित सेवा क्षेत्रों में भी अवसर पैदा कर सकता है। भारत में डेटा सेंटर उद्योग पहले से ही तेज़ी से बढ़ रहा है, और सरकार भी डिजिटल अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने के लिए अनुकूल नीतियों पर काम कर रही है। ऐसे समय में एयरट्रंक जैसी वैश्विक कंपनी का बड़ा निवेश भारत के प्रति अंतरराष्ट्रीय भरोसे को दर्शाता है। विशेषज्ञों का मानना है कि एआई और क्लाउड सेवाओं की बढ़ती मांग के कारण आने वाले वर्षों में डेटा सेंटर क्षमता रणनीतिक संपत्ति बन जाएगी। इस तरह का निवेश भारत के डिजिटल बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के साथ-साथ देश को दक्षिण एशिया के प्रमुख डेटा हब के रूप में स्थापित करने की दिशा में भी अहम साबित हो सकता है। अगर यह योजना अपने घोषित आकार में आगे बढ़ती है, तो यह भारत के तकनीकी और औद्योगिक परिदृश्य के लिए सबसे बड़े निजी डिजिटल निवेशों में से एक होगी।
by Dainikshamtak on | 2026-06-03 13:38:27