केंद्र सरकार ने केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड यानी सीबीएसई के चेयरमैन और सचिव का तबादला कर दिया है, साथ ही ऑन-स्क्रीन मार्किंग यानी ओएसएम सेवाओं की खरीद प्रक्रिया की जांच के लिए एक समिति का गठन भी किया है। यह कदम सीबीएसई की डिजिटल मूल्यांकन प्रणाली और उससे जुड़ी खरीद प्रक्रिया को लेकर उठ रहे सवालों के बीच लिया गया है। अधिकारियों के अनुसार सरकार ने पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए यह प्रशासनिक कार्रवाई की है। ओएसएम प्रणाली का उपयोग उत्तरपुस्तिकाओं के डिजिटल मूल्यांकन में किया जाता है और यह शिक्षा क्षेत्र में तकनीक आधारित सुधार का हिस्सा मानी जाती रही है। हालांकि, हाल के दिनों में इस प्रणाली की खरीद, विक्रेता चयन और कार्यान्वयन प्रक्रिया पर प्रश्न उठे हैं, जिसके बाद केंद्र ने मामले की विस्तृत जांच का निर्णय लिया। समिति को यह देखना होगा कि खरीद प्रक्रिया में सभी नियमों का पालन हुआ या नहीं, तथा क्या किसी स्तर पर प्रक्रियागत अनियमितता हुई। शिक्षा क्षेत्र में मूल्यांकन प्रणाली की विश्वसनीयता अत्यंत महत्वपूर्ण होती है, इसलिए इस तरह के मामलों को सरकार गंभीरता से ले रही है। प्रशासनिक सूत्रों का कहना है कि यह जांच भविष्य में ऐसी व्यवस्थाओं के लिए भी मानक तय कर सकती है। तबादले के बाद बोर्ड के शीर्ष पदों पर नए अधिकारियों की नियुक्ति भी की गई है, ताकि कामकाज प्रभावित न हो। यह घटनाक्रम सीबीएसई की कार्यप्रणाली, सार्वजनिक खरीद और परीक्षा-प्रणाली की पारदर्शिता को लेकर देशभर में चल रही चर्चा को और तेज कर सकता है। आने वाले दिनों में जांच समिति की रिपोर्ट से यह स्पष्ट होने की उम्मीद है कि ओएसएम सेवा खरीद में किन परिस्थितियों में निर्णय लिए गए और क्या सुधारात्मक कदम आवश्यक हैं।
by Dainikshamtak on | 2026-06-03 13:36:05