भारतीय सेना के सामने दिव्यास्त्र Mk-1 का प्रदर्शन, स्वदेशी लूटिंग म्यूनिशन की 500 किलोमीटर रेंज का दावा

भारतीय सेना के सामने दिव्यास्त्र Mk-1 का प्रदर्शन, स्वदेशी लूटिंग म्यूनिशन की 500 किलोमीटर रेंज का दावा

भारतीय सेना के सामने स्वदेशी लूटिंग म्यूनिशन प्लेटफॉर्म दिव्यास्त्र Mk-1 का सफल परिचालन प्रदर्शन किया गया है, जिससे देश की ड्रोन और प्रिसिजन स्ट्राइक क्षमता को नई मजबूती मिली है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार यह प्रदर्शन जोधपुर क्षेत्र में किया गया, जहां सेना के वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में वाहन-आधारित मोबाइल लॉन्चर से इस यूएवी को कई बार सफलतापूर्वक प्रक्षेपित किया गया। कंपनी का दावा है कि दिव्यास्त्र Mk-1 लगभग 500 किलोमीटर तक की परिचालन दूरी और करीब 5 घंटे तक की उड़ान क्षमता के साथ काम कर सकता है। इस प्रणाली को खुफिया जानकारी जुटाने, निगरानी, टोह लेने और सटीक हमले जैसे मिशनों के लिए विकसित किया गया है। प्रदर्शन के दौरान इसके त्वरित तैनाती, युद्धक्षेत्र में गतिशीलता और संचालन तत्परता को परखा गया। यह भी बताया गया कि प्लेटफॉर्म में मिशन के अनुसार ईओ और आईआर सेंसर, संचार रिले सिस्टम और विभिन्न वारहेड कॉन्फ़िगरेशन लगाए जा सकते हैं, जिससे यह अलग-अलग सैन्य परिस्थितियों में उपयोगी बनता है। रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि स्वदेशी लूटिंग म्यूनिशन का ऐसा सफल प्रदर्शन भारत की रक्षा आत्मनिर्भरता की दिशा में महत्वपूर्ण संकेत है। आधुनिक युद्ध में केवल मारक क्षमता ही नहीं, बल्कि लागत, स्थायित्व, त्वरित लॉन्च और सटीक लक्ष्यभेदन जैसी क्षमताएं भी अहम होती हैं। ऐसे में दिव्यास्त्र Mk-1 जैसे प्लेटफॉर्म लंबी दूरी की निगरानी, सीमा क्षेत्रों की सतर्कता और सामरिक हमले की क्षमता को बढ़ा सकते हैं। यह प्रदर्शन यह भी दर्शाता है कि भारतीय रक्षा उद्योग अब उन्नत मानवरहित प्रणालियों के विकास में तेजी से आगे बढ़ रहा है। भविष्य में ऐसे प्लेटफॉर्म भारतीय सशस्त्र बलों के संचालन ढांचे का अहम हिस्सा बन सकते हैं और घरेलू तकनीक आधारित रक्षा प्रणाली को और सशक्त कर सकते हैं।


by Dainikshamtak on | 2026-06-02 08:20:11

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