भारत टैक्सी ने देश के परिवहन क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि दर्ज करते हुए खुद को दुनिया की सबसे बड़ी मोबिलिटी कोऑपरेटिव के रूप में स्थापित कर लिया है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार इस प्लेटफॉर्म पर अब 35 लाख से ज्यादा यूजर्स और 6 लाख से अधिक ड्राइवर जुड़ चुके हैं। यह मॉडल पारंपरिक राइड-हेलिंग सेवाओं से अलग है, क्योंकि इसमें ड्राइवरों को केवल सेवा प्रदाता नहीं बल्कि सह-मालिक की भूमिका भी दी गई है। सरकारी और सहकारी ढांचे के समर्थन से शुरू हुआ यह प्लेटफॉर्म तेजी से देशभर में अपनी पहुंच बढ़ा रहा है और इसके जरिए ड्राइवरों को कमीशन कटौती के बिना अधिक आय मिलने का दावा किया जा रहा है। यात्रियों के लिए भी यह सेवा प्रतिस्पर्धी किराए, बेहतर उपलब्धता और डिजिटल बुकिंग की सुविधा के कारण आकर्षक बनती जा रही है। हाल के महीनों में इसके उपयोगकर्ता आधार और चालक नेटवर्क में तेज बढ़ोतरी हुई है, जिससे यह भारत के सहकारी आंदोलन का एक आधुनिक उदाहरण बनकर उभरा है। अधिकारियों के अनुसार इस मॉडल का उद्देश्य केवल परिवहन सेवा देना नहीं है, बल्कि लाखों ड्राइवरों को औपचारिक, संगठित और अधिक लाभकारी कार्य अवसर उपलब्ध कराना भी है। भारत टैक्सी के विस्तार को सरकार की सहकारिता आधारित आर्थिक सोच से भी जोड़ा जा रहा है, जिसमें छोटे सेवा प्रदाताओं को बड़ी तकनीकी कंपनियों के मुकाबले अधिक न्यायसंगत मंच देने की बात कही गई है। देश के कई शहरों में इसके पायलट और विस्तार चरण को सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली है, और आगे चलकर इसे व्यापक राष्ट्रीय नेटवर्क में बदलने की योजना है। इस विकास को डिजिटल मोबिलिटी, रोजगार सृजन और सहकारी व्यवसाय मॉडल के लिहाज से एक महत्वपूर्ण संकेत माना जा रहा है। यदि यह विस्तार इसी गति से जारी रहता है, तो भारत टैक्सी आने वाले समय में देश की शहरी परिवहन व्यवस्था पर गहरा प्रभाव डाल सकती है और वैश्विक स्तर पर भी सहकारी मोबिलिटी मॉडल का नया मानक स्थापित कर सकती है।
by Dainikshamtak on | 2026-05-29 15:09:16