सिक्किम ने शिक्षा के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक उपलब्धि दर्ज करते हुए खुद को पूर्ण साक्षर राज्य घोषित कर दिया है। यह घोषणा राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की उपस्थिति में गंगटोक में आयोजित सिक्किम विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह के दौरान की गई। इस उपलब्धि को केंद्र सरकार की ULLAS यानी नव भारत साक्षरता कार्यक्रम के तहत हासिल किया गया है, जिसके अंतर्गत वयस्क शिक्षा और सामाजिक भागीदारी के माध्यम से साक्षरता को व्यापक स्तर पर बढ़ावा दिया गया। आधिकारिक जानकारी के अनुसार सिक्किम देश का पांचवां पूर्ण साक्षर राज्य बन गया है। इससे पहले मिजोरम, गोवा, त्रिपुरा और हिमाचल प्रदेश यह उपलब्धि हासिल कर चुके थे। राष्ट्रपति मुर्मू ने इस अवसर पर सिक्किम सरकार और राज्य के लोगों को बधाई दी और कहा कि यह पूरे देश के लिए गर्व का क्षण है। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि शिक्षा केवल अक्षर ज्ञान तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सामाजिक सशक्तिकरण, आत्मविश्वास और अवसरों के विस्तार का माध्यम है। सिक्किम की इस उपलब्धि को इसलिए भी विशेष माना जा रहा है क्योंकि यह छोटे हिमालयी राज्य ने सामुदायिक भागीदारी, जन-जागरूकता और सरकारी पहल के संयोजन से यह लक्ष्य हासिल किया है। राज्य सरकार ने भी इसे शिक्षा, सामाजिक विकास और समावेशन की दिशा में एक बड़ी सफलता बताया है। इस उपलब्धि से यह संदेश गया है कि व्यवस्थित नीति, स्थानीय नेतृत्व और जनसहभागिता के माध्यम से साक्षरता के उच्च मानक संभव हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि पूर्ण साक्षर राज्य का दर्जा शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और शासन व्यवस्था पर सकारात्मक प्रभाव डालता है। सिक्किम की यह उपलब्धि अब अन्य राज्यों के लिए भी एक प्रेरक उदाहरण बन गई है और यह दिखाती है कि निरंतर प्रयासों से व्यापक सामाजिक परिवर्तन संभव है।
by Dainikshamtak on | 2026-05-28 20:50:58