पश्चिम बंगाल सरकार ने सीमा सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए सीमा सुरक्षा बल यानी बीएसएफ को 142.79 एकड़ जमीन सौंप दी है। यह जमीन अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास फेंसिंग, सीमा चौकियों और अन्य बुनियादी ढांचे के विकास के लिए दी गई है। राज्य सरकार के इस फैसले को भारत-बांग्लादेश सीमा पर सुरक्षा व्यवस्था को और सुदृढ़ करने के रूप में देखा जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार इस भूमि हस्तांतरण का उद्देश्य अवैध घुसपैठ, तस्करी और सीमा पार होने वाली अन्य गैरकानूनी गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण सुनिश्चित करना है। पिछले कुछ महीनों से सीमा पर अवरोधक संरचनाओं और फेंसिंग से जुड़े कार्यों में तेजी लाने की मांग की जा रही थी, और अब इस निर्णय से बीएसएफ को आवश्यक भूमि उपलब्ध हो गई है। प्राप्त जानकारी के अनुसार जमीन का उपयोग केवल फेंसिंग तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि सीमा चौकियों, निगरानी ढांचों, पहुंच मार्गों और ऑपरेशनल सपोर्ट सिस्टम के निर्माण में भी किया जाएगा। यह कदम ऐसे समय में आया है जब सीमा सुरक्षा एजेंसियां संवेदनशील इलाकों में निगरानी को और अधिक मजबूत करने पर जोर दे रही हैं। प्रशासनिक स्तर पर इस हस्तांतरण की प्रक्रिया को आगे बढ़ाकर जल्द निर्माण कार्य शुरू करने की तैयारी है। सीमा से जुड़े इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए यह निर्णय इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि इससे सुरक्षा तंत्र बेहतर होगा और असामाजिक गतिविधियों पर रोक लगाने में मदद मिलेगी। बीएसएफ लंबे समय से सीमावर्ती इलाकों में फेंसिंग और निगरानी ढांचे के विस्तार की मांग कर रहा था, ताकि सीमाई सुरक्षा को आधुनिक और प्रभावी बनाया जा सके। राज्य सरकार और केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों के बीच समन्वय से अब इस परियोजना को आगे बढ़ाने का रास्ता साफ हुआ है। विशेषज्ञों का मानना है कि भूमि उपलब्ध होने के बाद फेंसिंग कार्य में तेजी आएगी और सीमा क्षेत्र की सुरक्षा प्रणाली को नई मजबूती मिलेगी।
by Dainikshamtak on | 2026-05-28 20:47:25