तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति आभार जताते हुए नीदरलैंड से ऐतिहासिक अणिमंगलम ताम्रपत्रों की वापसी को एक महत्वपूर्ण सांस्कृतिक उपलब्धि बताया है। उन्होंने कहा कि यह कदम तमिल विरासत और ऐतिहासिक दस्तावेज़ों के संरक्षण की दिशा में अहम है और इसके लिए केंद्र सरकार की भूमिका सराहनीय है। इसी के साथ विजय ने कर्नाटक सरकार की मेकेदातु परियोजना पर भी आपत्ति जताई और प्रधानमंत्री से आग्रह किया कि जब तक सभी बेसिन राज्यों की सहमति नहीं मिलती, तब तक इस परियोजना को आगे न बढ़ाया जाए। उन्होंने तर्क दिया कि जल संसाधनों से जुड़ी ऐसी किसी भी पहल में अंतरराज्यीय सहमति और नदी तटवर्ती राज्यों के हितों का सम्मान आवश्यक है। विजय ने यह भी अनुरोध किया कि आधिकारिक आयोजनों में तमिल ताई वझ्थु के पारंपरिक स्थान को सुरक्षित रखा जाए, क्योंकि यह तमिल भाषा और सांस्कृतिक पहचान का प्रतीक है। उन्होंने केंद्र से आग्रह किया कि ऐसे राष्ट्रीय या आधिकारिक कार्यक्रमों में इस परंपरा को किसी भी तरह से कमज़ोर न किया जाए। इसके अलावा, उन्होंने तमिलनाडु में डीआरडीओ समर्थित एयरोस्पेस और विमान डिजाइन केंद्र स्थापित करने की मांग भी रखी, ताकि राज्य में उच्च प्रौद्योगिकी आधारित औद्योगिक विकास को बढ़ावा मिल सके। उनका कहना था कि इस तरह के केंद्र न केवल शोध और नवाचार को गति देंगे, बल्कि युवाओं के लिए उच्च कौशल वाले रोजगार अवसर भी पैदा करेंगे। साथ ही विजय ने श्रीलंकाई नौसेना द्वारा तमिलनाडु के मछुआरों की गिरफ्तारी का मुद्दा उठाते हुए केंद्र से तुरंत हस्तक्षेप की मांग की। उन्होंने कहा कि मछुआरों की सुरक्षा और आजीविका से जुड़ा यह विषय अत्यंत संवेदनशील है और सरकार को कूटनीतिक व मानवीय दोनों स्तरों पर सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए। कुल मिलाकर, विजय का यह संदेश तमिल सांस्कृतिक सम्मान, जल विवाद, रक्षा-तकनीक, और समुद्री मछुआरों की सुरक्षा जैसे कई अहम मुद्दों को एक साथ केंद्र में लाता है।।
by Dainikshamtak on | 2026-05-28 20:51:36