नया पंबन ब्रिज: भारत का पहला वर्टिकल-लिफ्ट रेलवे सागरीय पुल रामेश्वरम से जोड़ा

नया पंबन ब्रिज: भारत का पहला वर्टिकल-लिफ्ट रेलवे सागरीय पुल रामेश्वरम से जोड़ा

तमिलनाडु में मुख्यभूमि के मंडापम को पंबन द्वीप के रामेश्वरम से जोड़ने वाला नया पंबन ब्रिज भारत का पहला वर्टिकल-लिफ्ट रेलवे सागरीय पुल है। 110 वर्ष पुराने ऐतिहासिक पंबन ब्रिज की जगह यह आधुनिक इंजीनियरिंग चमत्कार बनकर तैयार हुआ। रेल विकास निगम लिमिटेड ने 550 करोड़ रुपये की लागत से इसकी रचना की। पुल की कुल लंबाई 2.08 किलोमीटर है जिसमें 99 स्पैन और 72.5 मीटर लंबा वर्टिकल लिफ्ट स्पैन शामिल है। यह स्पैन केवल 5 मिनट में 17 मीटर ऊंचाई तक उठाया जा सकता है। इससे बड़े जहाजों का निर्बाध पारगमन संभव हो गया। पुराने ब्रिज में केवल 1.5 मीटर की ऊंचाई थी जो नौवहन के लिए अपर्याप्त थी। नया ब्रिज समुद्र तल से 22 मीटर ऊंचा है। इलेक्ट्रो-मैकेनिकल प्रणाली से लैस यह पुल देश का पहला ऐसा समुद्री रेल पुल है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अप्रैल 2026 में इसका उद्घाटन किया। रामनवमी के अवसर पर रामेश्वरम में आयोजित समारोह में यह ऐतिहासिक क्षण बना। नया पंबन ब्रिज पंबन जलसंधि पर निर्मित है जो मुख्यभूमि और रामेश्वरम द्वीप को अलग करता है। रामेश्वरम तीर्थराज का प्रमुख केंद्र है जहां प्रतिवर्ष लाखों श्रद्धालु आते हैं। पुल से रेल यात्रा तेज और सुरक्षित हो गई। मंडापम से रामेश्वरम की दूरी मात्र 11 किलोमीटर है। सेठु सुपरफास्ट एक्सप्रेस जैसी ट्रेनें अब निर्बाध संचालित होंगी। निर्माण के दौरान विशेष स्टील का उपयोग किया गया जो जंग और लवणाक्त हवा प्रतिरोधी है। पुल में 143 पिलर हैं। वर्टिकल लिफ्ट स्पैन का वजन 415 टन है। यह तकनीक अंतरराष्ट्रीय मानकों पर आधारित है। नया पुल दानुषकोड़ी और रामेश्वरम के धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देगा। तमिलनाडु सरकार ने इसे आत्मनिर्भर भारत अभियान का प्रतीक बताया। रेलवे ने विशेष ट्रेन सेवाएं शुरू कीं। यह इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजना दक्षिण भारत के कनेक्टिविटी को सशक्त बनाएगी।


by Dainikshamtak on | 2026-05-05 16:11:37

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