DRDO प्रमुख: घाटक स्टेल्थ UCAV 7-8 साल में तैयार होगा

DRDO प्रमुख: घाटक स्टेल्थ UCAV 7-8 साल में तैयार होगा

रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) के अध्यक्ष डॉ. समीर वी. कामत ने घोषणा की है कि भारत का स्वदेशी स्टेल्थ अनमैन्ड कॉम्बैट एरियल व्हीकल (UCAV) 'घाटक' अगले 7-8 वर्षों में मिशन-रेडी हो जाएगा। आईआईटी बॉम्बे के दीक्षांत समारोह 2026 में बोलते हुए उन्होंने कहा कि परियोजना का आधिकारिक अनुमोदन प्रक्रिया में है, लेकिन आधारभूत कार्य शीघ्र शुरू हो जाएगा। घाटक कार्यक्रम स्वायत्त फ्लाइंग विंग डिजाइन पर आधारित है, जो तेलंगाना के एयरोनॉटिकल टेस्ट रेंज में 2022 से प्रोटोटाइप परीक्षण कर रहा। 13 टन वर्ग का यह UCAV तेजस Mk1 के आकार का होगा। कावेरी ड्राइवेन इंजन से लैस, यह अत्यंत कम रडार क्रॉस सेक्शन (RCS) वाला होगा। SEAD/DEAD मिशनों के लिए डिजाइन, HQ-9B जैसे उन्नत हवाई रक्षा प्रणालियों को नष्ट करने में सक्षम। आधा स्वायत्त संचालन, आधा रिमोट कंट्रोल। आस्त्रा एयर-टू-एयर मिसाइल और स्मार्ट एयर-ग्राउंड हथियार ले जाने की क्षमता। DRDO ने पहले स्केल्ड-डाउन Ghatak-NG का सफल परीक्षण किया। रक्षा अधिग्रहण परिषद (DAC) ने मार्च 2026 में 4 स्क्वाड्रन (60-80 यूनिट) की खरीद स्वीकृत की। विकास-उत्पादन भागीदार (DCP) मॉडल के तहत 39,000 करोड़ रुपये का अनुमानित खर्च। 6 प्रोटोटाइप विकसित होंगे। यह भारत को स्वायत्त हवाई युद्धक्षमता में प्रवेश दिलाएगा। स्वार्म ऑपरेशन्स, मैन-अनमैन्ड टीमिंग और AI-संचालित निर्णय लेने की क्षमता। अमेरिका के XQ-58 Valkyrie और चीन के WZ-8 के समकक्ष। घाटक G2 UCAV कार्यक्रम का आधार बनेगा। भारतीय वायुसेना के स्क्वाड्रन ताकत को बढ़ाएगा। आत्मनिर्भर भारत का प्रतीक।


by Dainikshamtak on | 2026-05-05 13:35:17

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