तमिलनाडु विधानसभा चुनाव परिणामों ने राजनीतिक हलचल मचा दी। थलपति विजय की पार्टी तमिलागा वेट्टरी कझगम (टीवीके) ने डीएमके को तगड़ा झटका दिया। मुख्यमंत्री एमके स्टालिन अपनी पारंपरिक कोलाथुर सीट से हार गए। टीवीके के वीएस बाबू ने 8,795 वोटों से जीत हासिल की। बाबू पूर्व में स्टालिन के 2011 अभियान प्रबंधक रहे। कोलाथुर डीएमके का गढ़ था। स्टालिन 1984 से लगातार जीतते रहे। यह पहली हार है। विजय की फिल्म 'जना नायक' को डीएमके सरकार ने चुनाव आचार संहिता के कारण रिलीज रोक दिया था। फिल्म में राजनीतिक संदेश होने का आरोप। मद्रास हाईकोर्ट ने भी रिलीज पर रोक लगाई। अब टीवीके की जीत से फिल्म रिलीज की उम्मीद। सोशल मीडिया पर यूजर्स ने इसे 'सीएम बनकर फिल्म रिलीज करवाने का बदला' कहा। डीएमके पर 'एंटी-संनातन' आरोप। टीवीके ने 234 सीटों पर चुनाव लड़ा। 14-15 प्रतिशत वोट शेयर मिला। स्टालिन की हार से डीएमके में हड़कंप। पार्टी कार्यकर्ताओं में निराशा। विपक्ष ने इसे बड़ा उलटफेर बताया। विजय ने स्वतंत्र रुख अपनाया। 'जना नायक' विजय की आखिरी फिल्म मानी जा रही। सीबीएफसी ने चुनाव आयोग को भेजा। डीएमके ने केंद्र का दबाव बताया। भाजपा ने डीएमके पर दोहरा मापदंड का आरोप लगाया। कोलाथुर परिणाम से स्थानीय मुद्दे प्रभावी हुए। बाबू ने स्टालिन को हराकर इतिहास रचा। डीएमके कार्यकर्ता सदमे में। स्टालिन विधानसभा से बाहर। यह तमिलनाडु राजनीति में नया अध्याय खोलेगा।
by Dainikshamtak on | 2026-05-05 13:30:58