दिव्यास्त्र Mk2 लॉयटरिंग म्यूनिशन वाहन आधारित लॉन्च के साथ प्रगति पर

दिव्यास्त्र Mk2 लॉयटरिंग म्यूनिशन वाहन आधारित लॉन्च के साथ प्रगति पर

लखनऊ आधारित रक्षा स्टार्टअप होवरआईटी ने दिव्यास्त्र Mk2 लॉयटरिंग म्यूनिशन के वाहन आधारित लॉन्च क्षमता परीक्षण सफलतापूर्वक पूरे किए। यह स्वदेशी लंबी दूरी का 'सुसाइड ड्रोन' आधुनिक युद्धक्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव लाएगा। दिव्यास्त्र Mk2 की रेंज 2,000 किलोमीटर बताई जा रही। गंगा एक्सप्रेसवे पर हाई स्पीड टैक्सी ट्रायल्स (HSTT) किए गए। यह डीप स्ट्राइक मिशनों के लिए उपयुक्त। फिक्स्ड विंग संरचना लंबी दूरी, लंबे समय हवा में रहने और ईंधन दक्षता प्रदान करती। एआई संचालित यह हथियार निगरानी और हमले दोनों कर सकता। लक्ष्य क्षेत्र पर लंबे समय भटक सकता। खतरा पहचानकर सटीक प्रहार करेगा। पारंपरिक ड्रोन्स से अलग यह एकीकृत प्रणाली। न्यूनतम मानवीय हस्तक्षेप से कार्य करता। आधुनिक युद्ध के लिए आदर्श। गहरे प्रहार मिशन, सीमा निगरानी, शत्रु क्षेत्र में लक्ष्य विनाश और रणनीतिक प्रतिरोध के लिए उपयोगी। 95 प्रतिशत स्वदेशी और तीन गुना सस्ता। भारत के रक्षा नवाचार का प्रतीक। होवरआईटी ने Mk1 के साथ 500 किलोमीटर रेंज वाला संस्करण भी विकसित किया। स्वार्म क्षमता और एंटी-जैमिंग फीचर्स। नौसेना के मानवरहित जहाजों से लॉन्च संभव। यह लॉयटरिंग म्यूनिशन सेगमेंट को बदल देगा। गंगा एक्सप्रेसवे पर ट्रायल्स ने तीव्र प्रगति दर्शाई। भारत के डीप स्ट्राइक यूएवी क्षमता में वृद्धि। आत्मनिर्भर भारत का महत्वपूर्ण कदम। स्टार्टअप्स ने रक्षा क्षेत्र में नया आयाम जोड़ा। वैश्विक प्रतिस्पर्धियों से मुकाबला। चीन और अन्य देशों के समकक्ष। यह परियोजना भारतीय सेना की युद्धक क्षमता बढ़ाएगी।


by Dainikshamtak on | 2026-05-05 13:33:31

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