राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुरमू से मुलाकात की। उनके साथ तीन अन्य सांसद भी मौजूद थे। यह मुलाकात 5 मई 2026 को राष्ट्रपति भवन में हुई। चड्ढा ने मुलाकात के बाद मीडिया को बताया कि उन्होंने पंजाब में आम आदमी पार्टी सरकार द्वारा राज्य मशीनरी के कथित दुरुपयोग की चिंताएं उठाईं। उन्होंने आरोप लगाया कि AAP पूर्व सदस्यों के खिलाफ प्रतिशोधपूर्ण कार्रवाई कर रही है। चड्ढा सहित सात राज्यसभा सांसदों ने अप्रैल 2026 में AAP छोड़कर भाजपा का दामन थाम लिया था। चड्ढा ने दावा किया कि AAP ने भ्रष्ट और समझौतावादी लोगों के हाथों में आ गई है। पार्टी उन सांसदों के खिलाफ झूठे मामले दर्ज करा रही है जो भाजपा में शामिल हुए। संदीप पाठक के खिलाफ एफआईआर इसका उदाहरण है। चड्ढा ने पंजाब सरकार के अधिकारियों से अपील की कि वे राजनीतिक दबाव में न आएं। उन्होंने कहा कि अधिकारी कानून के अनुसार कार्य करें और राष्ट्रीय हित में निर्णय लें। चड्ढा ने AAP पर व्यंग्य किया कि जो लोग महात्मा गांधी के आदर्शों का हवाला देते हैं वही अब राज्य मशीनरी का राजनीतिक उद्देश्यों के लिए दुरुपयोग कर रहे हैं। पंजाब के लोगों को अपनी सरकार द्वारा राजनीतिक स्कोर सेटलिंग के लिए इस्तेमाल होने की जानकारी होनी चाहिए। यह मुलाकात पंजाब की राजनीति में चल रहे विवाद का हिस्सा है। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान भी उसी दिन दोपहर में राष्ट्रपति से मिलने वाले थे। वे दल-बदल वाले सांसदों को वापस बुलाने की मांग उठाने वाले थे। चड्ढा की मुलाकात सुबह 10 बजकर 40 मिनट पर निर्धारित थी। यह घटनाक्रम AAP और भाजपा के बीच बढ़ते तनाव को दर्शाता है। पंजाब विधानसभा में दल-बदल विरोधी कानून के तहत कार्रवाई की मांग तेज हो गई है। चड्ढा ने राष्ट्रपति को पूरे मामले की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि AAP की यह राजनीति खतरनाक है। राज्य मशीनरी का दुरुपयोग लोकतंत्र के लिए हानिकारक है। पंजाब में राजनीतिक अस्थिरता बढ़ रही है।
by Dainikshamtak on | 2026-05-05 16:05:22