कारगिल विजय दिवस के अवसर पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने लद्दाख के द्रास स्थित कारगिल युद्ध स्मारक पहुंचकर वर्ष 1999 के कारगिल युद्ध में शहीद हुए भारतीय सैनिकों को श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर भारतीय सशस्त्र बलों के वरिष्ठ अधिकारी, पूर्व सैनिक तथा विभिन्न गणमान्य व्यक्तियों ने भी वीर जवानों के सर्वोच्च बलिदान को नमन किया। रक्षा मंत्री ने अमर जवानों की स्मृति में पुष्पचक्र अर्पित किया और राष्ट्र की ओर से उनके अदम्य साहस, वीरता और देशभक्ति को सम्मान दिया। उन्होंने कहा कि कारगिल विजय दिवस केवल एक सैन्य जीत का प्रतीक नहीं है, बल्कि यह भारतीय सैनिकों के अटूट संकल्प, साहस और राष्ट्र के प्रति समर्पण का भी प्रतीक है। वर्ष 1999 में भारतीय सेना ने ऑपरेशन विजय के तहत दुर्गम पर्वतीय क्षेत्रों में कठिन परिस्थितियों के बीच सफल सैन्य अभियान चलाकर घुसपैठियों को खदेड़ा था और भारत की क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा की थी। इस युद्ध में अनेक सैनिकों ने सर्वोच्च बलिदान दिया, जिनकी स्मृति में प्रत्येक वर्ष 26 जुलाई को कारगिल विजय दिवस मनाया जाता है। रक्षा मंत्री ने कहा कि देश अपने वीर सैनिकों के बलिदान को कभी नहीं भूल सकता और उनकी शौर्यगाथा आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनी रहेगी। उन्होंने भारतीय सशस्त्र बलों की पेशेवर क्षमता, अनुशासन और राष्ट्रीय सुरक्षा के प्रति उनकी प्रतिबद्धता की भी सराहना की। इस अवसर पर युद्ध स्मारक पर विशेष श्रद्धांजलि समारोह आयोजित किया गया, जिसमें शहीदों के सम्मान में मौन रखा गया और सैन्य सम्मान के साथ उन्हें याद किया गया। रक्षा मंत्रालय के अनुसार कारगिल युद्ध की वीरगाथा देशवासियों को राष्ट्रीय एकता, साहस और कर्तव्यनिष्ठा का संदेश देती है। विशेषज्ञों का मानना है कि कारगिल विजय दिवस न केवल शहीदों के बलिदान को याद करने का अवसर है, बल्कि यह देश की सुरक्षा के प्रति सशस्त्र बलों की भूमिका और राष्ट्रीय संकल्प को भी मजबूत करता है। देशभर में भी विभिन्न स्थानों पर कारगिल विजय दिवस के अवसर पर श्रद्धांजलि कार्यक्रम, स्मरण समारोह और वीर सैनिकों के सम्मान में अनेक आयोजन किए गए।
by Dainikshamtak on | 2026-07-27 16:14:17