आम आदमी पार्टी (AAP) की वरिष्ठ नेता अतिशी मार्लेना ने केंद्र सरकार, कांग्रेस और दिल्ली पुलिस को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने दावा किया कि "BJP और कांग्रेस, CJP तथा AAP के खिलाफ एकजुट हो गई हैं।" अतिशी ने आरोप लगाया कि दिल्ली पुलिस ने CJP प्रदर्शनकारियों को संसद की ओर बढ़ने से रोकते हुए उन्हें 100 मीटर भी आगे नहीं बढ़ने दिया, जबकि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को प्रधानमंत्री आवास के निकट तक जाने की अनुमति दी गई। उनके अनुसार, कानून लागू करने में समानता होनी चाहिए और सभी राजनीतिक दलों तथा प्रदर्शनकारियों के साथ एक जैसा व्यवहार किया जाना चाहिए। अतिशी ने इस पूरे घटनाक्रम को लेकर पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए और कहा कि यदि लोकतांत्रिक व्यवस्था में शांतिपूर्ण विरोध की अनुमति दी जाती है, तो सभी पक्षों के लिए समान नियम लागू होने चाहिए। दूसरी ओर, दिल्ली पुलिस की ओर से सुरक्षा व्यवस्था और कानून-व्यवस्था बनाए रखने को लेकर समय-समय पर यह कहा जाता रहा है कि विभिन्न परिस्थितियों, सुरक्षा आकलन और प्रशासनिक आवश्यकताओं के आधार पर भीड़ नियंत्रण और आवाजाही से जुड़े निर्णय लिए जाते हैं। फिलहाल इस मामले में अतिशी द्वारा लगाए गए आरोपों पर संबंधित एजेंसियों की ओर से विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आना बाकी है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि संसद सत्र के दौरान विरोध प्रदर्शन और राजनीतिक बयानबाजी तेज होना सामान्य बात है, लेकिन ऐसे मामलों में तथ्यों और आधिकारिक पक्ष को भी समान महत्व दिया जाना चाहिए। यह मुद्दा अब राजनीतिक बहस का हिस्सा बन चुका है और आने वाले दिनों में संसद के भीतर तथा बाहर इस पर और चर्चा होने की संभावना है। लोकतांत्रिक व्यवस्था में सभी पक्षों को अपनी बात रखने का अधिकार है, वहीं कानून-व्यवस्था बनाए रखना प्रशासन की जिम्मेदारी होती है। इस मामले की आगे की स्थिति संबंधित पक्षों के आधिकारिक बयानों और घटनाक्रम पर निर्भर करेगी।
by Dainikshamtak on | 2026-07-22 16:07:39