फ्रांस ने 15 वर्ष से कम आयु के बच्चों के लिए सोशल मीडिया उपयोग पर देशव्यापी प्रतिबंध को मंजूरी देकर यूरोपीय संघ (EU) का पहला देश बनने का दावा किया है। इस कदम का उद्देश्य बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा को मजबूत करना, सोशल मीडिया की लत, साइबर बुलिंग, अनुचित सामग्री और मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े बढ़ते जोखिमों को कम करना है। प्रस्तावित व्यवस्था के तहत 15 वर्ष से कम आयु के बच्चों को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर खाता बनाने या उपयोग करने के लिए प्रभावी आयु सत्यापन (Age Verification) प्रणाली लागू की जाएगी। फ्रांसीसी सरकार का कहना है कि डिजिटल दुनिया में बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करना उसकी प्राथमिकता है और टेक कंपनियों को भी इस दिशा में अधिक जिम्मेदारी निभानी होगी। पिछले कुछ वर्षों में यूरोप सहित दुनिया के कई देशों में बच्चों पर सोशल मीडिया के प्रभाव को लेकर चिंता बढ़ी है। विभिन्न अध्ययनों में अत्यधिक सोशल मीडिया उपयोग को चिंता, अवसाद, नींद की समस्या और साइबर उत्पीड़न जैसी चुनौतियों से जोड़ा गया है। इसी पृष्ठभूमि में फ्रांस ने यह सख्त कदम उठाया है। हालांकि, इस निर्णय को लागू करने के लिए तकनीकी व्यवस्था, आयु सत्यापन की प्रक्रिया और संबंधित प्लेटफॉर्म्स के साथ समन्वय जैसे कई पहलुओं पर काम किया जाएगा। विशेषज्ञों का मानना है कि बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा के लिए केवल कानूनी प्रतिबंध पर्याप्त नहीं होंगे, बल्कि अभिभावकों की जागरूकता, डिजिटल शिक्षा और सुरक्षित इंटरनेट उपयोग को बढ़ावा देना भी आवश्यक होगा। कुछ डिजिटल अधिकार संगठनों ने आयु सत्यापन से जुड़े गोपनीयता (Privacy) और डेटा सुरक्षा के मुद्दे भी उठाए हैं। आने वाले समय में इस नीति के क्रियान्वयन और उसके प्रभाव पर पूरे यूरोप की नजर रहेगी, क्योंकि अन्य यूरोपीय देश भी इसी प्रकार के कदमों पर विचार कर सकते हैं।
by Dainikshamtak on | 2026-07-22 16:04:06