रुपये की कीमत बाजार तय करता है, डॉलर के मुकाबले कोई लक्ष्य निर्धारित नहीं: निर्मला सीतारमण

रुपये की कीमत बाजार तय करता है, डॉलर के मुकाबले कोई लक्ष्य निर्धारित नहीं: निर्मला सीतारमण

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने भारतीय रुपये की विनिमय दर को लेकर स्पष्ट किया है कि डॉलर के मुकाबले रुपये का मूल्य सरकार तय नहीं करती, बल्कि यह बाजार की मांग और आपूर्ति (Market Forces) से निर्धारित होता है। उन्होंने कहा कि सरकार ने रुपये के किसी निश्चित स्तर या लक्ष्य (Target) को निर्धारित नहीं किया है। वित्त मंत्री के अनुसार, विदेशी मुद्रा बाजार में रुपये की कीमत कई घरेलू और वैश्विक कारकों से प्रभावित होती है। इनमें विदेशी निवेश का प्रवाह, आयात-निर्यात, कच्चे तेल की कीमतें, वैश्विक आर्थिक परिस्थितियां, ब्याज दरें और अंतरराष्ट्रीय वित्तीय बाजारों की गतिविधियां शामिल हैं। उन्होंने कहा कि भारत एक बाजार-आधारित विनिमय दर (Market-Determined Exchange Rate) प्रणाली का पालन करता है, जहां मुद्रा का मूल्य मांग और आपूर्ति के आधार पर तय होता है। वित्त मंत्री ने यह भी संकेत दिया कि सरकार और भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) का उद्देश्य किसी विशेष विनिमय दर को बनाए रखना नहीं, बल्कि वित्तीय स्थिरता सुनिश्चित करना है। आवश्यकता पड़ने पर RBI विदेशी मुद्रा बाजार में हस्तक्षेप कर अत्यधिक अस्थिरता (Excessive Volatility) को नियंत्रित करने के लिए कदम उठा सकता है, लेकिन यह किसी पूर्व-निर्धारित लक्ष्य के तहत नहीं किया जाता। आर्थिक विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक स्तर पर अधिकांश प्रमुख अर्थव्यवस्थाएं बाजार आधारित विनिमय दर प्रणाली अपनाती हैं। भारत में भी रुपये की चाल घरेलू आर्थिक प्रदर्शन और वैश्विक वित्तीय परिस्थितियों के अनुसार बदलती रहती है। विशेषज्ञों के अनुसार, स्थिर आर्थिक विकास, नियंत्रित महंगाई, मजबूत विदेशी मुद्रा भंडार और निवेश का निरंतर प्रवाह रुपये की दीर्घकालिक मजबूती में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। वित्त मंत्री का यह बयान भारत की मौजूदा मुद्रा प्रबंधन नीति को स्पष्ट करता है और यह संकेत देता है कि सरकार विनिमय दर के बजाय व्यापक आर्थिक स्थिरता पर अधिक ध्यान केंद्रित कर रही है।

by Dainikshamtak on | 2026-07-22 16:07:08

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