टाटा समूह का केरल में 1 अरब डॉलर से अधिक निवेश का प्रस्ताव, बनेगा अत्याधुनिक शिपबिल्डिंग केंद्र

टाटा समूह का केरल में 1 अरब डॉलर से अधिक निवेश का प्रस्ताव, बनेगा अत्याधुनिक शिपबिल्डिंग केंद्र

टाटा समूह ने केरल में एक बड़े शिपबिल्डिंग (जहाज निर्माण) केंद्र की स्थापना के लिए 1 अरब अमेरिकी डॉलर (लगभग ₹8,000 करोड़ से अधिक) के निवेश का प्रस्ताव रखा है। यदि यह परियोजना साकार होती है, तो इसे भारत के समुद्री विनिर्माण और रक्षा औद्योगिक क्षमता को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जाएगा। प्रस्तावित सुविधा में अत्याधुनिक जहाज निर्माण, समुद्री इंजीनियरिंग, उन्नत विनिर्माण तकनीकों और वैश्विक स्तर के निर्यात-उन्मुख उत्पादन पर विशेष ध्यान दिए जाने की संभावना है। विशेषज्ञों के अनुसार यह निवेश भारत की 'मेक इन इंडिया', 'मैरिटाइम इंडिया विज़न 2030' और ब्लू इकोनॉमी रणनीति को नई गति दे सकता है। केरल अपने समुद्री तट, बंदरगाह अवसंरचना और कुशल तकनीकी मानव संसाधन के कारण जहाज निर्माण उद्योग के लिए एक उपयुक्त स्थान माना जाता है। इस परियोजना से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से हजारों रोजगार के अवसर पैदा होने की उम्मीद है। साथ ही स्थानीय एमएसएमई, स्टील, मशीनरी, इलेक्ट्रॉनिक्स और समुद्री उपकरण उद्योगों को भी बड़ा लाभ मिल सकता है। उद्योग विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक स्तर पर जहाज निर्माण की बढ़ती मांग के बीच भारत के लिए अपनी उत्पादन क्षमता बढ़ाना रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण है। टाटा समूह का यह प्रस्ताव देश को वाणिज्यिक जहाजों, विशेष समुद्री प्लेटफॉर्म और उन्नत नौवहन प्रणालियों के निर्माण में नई पहचान दिला सकता है। हालांकि परियोजना अभी प्रस्तावित चरण में है और इसके लिए राज्य सरकार तथा संबंधित केंद्रीय एजेंसियों की मंजूरी सहित विभिन्न नियामकीय प्रक्रियाएं पूरी की जानी बाकी हैं। यदि सभी आवश्यक स्वीकृतियां समय पर मिल जाती हैं, तो यह परियोजना भारत को वैश्विक शिपबिल्डिंग उद्योग में प्रतिस्पर्धी बनाने और समुद्री निर्यात बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि साबित हो सकती है।

by Dainikshamtak on | 2026-07-16 15:48:19

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