भारत और बेल्जियम ने द्विपक्षीय संबंधों को नई ऊंचाई पर ले जाने के उद्देश्य से कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर सहमति व्यक्त की है। दोनों देशों ने व्यापार और निवेश, हरित ऊर्जा परिवर्तन, नवाचार एवं प्रौद्योगिकी, कनेक्टिविटी, रक्षा, सुरक्षा, क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों के साथ-साथ लोगों के बीच संपर्क (People-to-People Exchanges) को और मजबूत करने का संकल्प दोहराया। दोनों पक्षों का मानना है कि बदलते वैश्विक आर्थिक और भू-राजनीतिक परिदृश्य में भारत और बेल्जियम के बीच व्यापक रणनीतिक सहयोग दोनों देशों के लिए लाभदायक होगा। बैठक के दौरान आर्थिक साझेदारी को मजबूत करने, निवेश को प्रोत्साहित करने और नई तकनीकों में संयुक्त अनुसंधान एवं विकास पर विशेष जोर दिया गया। हरित ऊर्जा के क्षेत्र में स्वच्छ ऊर्जा, हाइड्रोजन, जलवायु परिवर्तन से निपटने और सतत विकास से जुड़े प्रयासों में सहयोग बढ़ाने पर भी चर्चा हुई। रक्षा और सुरक्षा सहयोग के तहत दोनों देशों ने समुद्री सुरक्षा, साइबर सुरक्षा, आतंकवाद विरोधी सहयोग और रक्षा उद्योग में संभावित साझेदारी को आगे बढ़ाने की इच्छा व्यक्त की। इसके अलावा वैश्विक और क्षेत्रीय चुनौतियों पर समन्वय बढ़ाने तथा नियम-आधारित अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था के समर्थन पर भी सहमति बनी। दोनों देशों ने शिक्षा, संस्कृति, पर्यटन, कौशल विकास और शैक्षणिक आदान-प्रदान जैसे क्षेत्रों में लोगों के बीच संपर्क को मजबूत करने की आवश्यकता पर भी बल दिया। विशेषज्ञों का मानना है कि बेल्जियम यूरोप में भारत का एक महत्वपूर्ण आर्थिक और रणनीतिक साझेदार है तथा दोनों देशों के बीच बढ़ता सहयोग भारत-यूरोप संबंधों को भी नई मजबूती प्रदान कर सकता है। आने वाले वर्षों में व्यापार, निवेश, स्वच्छ ऊर्जा और उच्च प्रौद्योगिकी के क्षेत्रों में नई परियोजनाओं की संभावना जताई जा रही है। विश्लेषकों के अनुसार यह समझ भारत की वैश्विक रणनीतिक साझेदारियों के विस्तार और यूरोपीय देशों के साथ आर्थिक सहयोग को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
by Dainikshamtak on | 2026-07-16 15:46:56