बेंगलुरु में बनेगा भारत का पहला सरकारी एआई विश्वविद्यालय, कर्नाटक सरकार ने की बड़ी घोषणा

बेंगलुरु में बनेगा भारत का पहला सरकारी एआई विश्वविद्यालय, कर्नाटक सरकार ने की बड़ी घोषणा

 कर्नाटक सरकार ने बेंगलुरु में भारत का पहला सरकार-प्रेरित कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) विश्वविद्यालय स्थापित करने की घोषणा की है। इस पहल का उद्देश्य राज्य को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मशीन लर्निंग, डेटा साइंस, रोबोटिक्स और उभरती डिजिटल प्रौद्योगिकियों के क्षेत्र में वैश्विक शिक्षा एवं अनुसंधान केंद्र के रूप में विकसित करना है। सरकार के अनुसार प्रस्तावित विश्वविद्यालय उद्योग, शिक्षा संस्थानों और अनुसंधान संगठनों के बीच सहयोग को बढ़ावा देगा तथा छात्रों, शोधकर्ताओं और स्टार्टअप्स को अत्याधुनिक संसाधन उपलब्ध कराएगा। बेंगलुरु पहले से ही देश का प्रमुख प्रौद्योगिकी और नवाचार केंद्र माना जाता है, जहां बड़ी संख्या में वैश्विक प्रौद्योगिकी कंपनियां, स्टार्टअप्स और अनुसंधान संस्थान कार्यरत हैं। ऐसे में एआई विश्वविद्यालय की स्थापना से उच्च शिक्षा और उद्योग के बीच समन्वय को नई गति मिलने की उम्मीद है। सरकार का कहना है कि विश्वविद्यालय में एआई आधारित अनुसंधान, कौशल विकास, नवाचार और उद्यमिता को विशेष प्राथमिकता दी जाएगी। साथ ही भविष्य की तकनीकी आवश्यकताओं के अनुरूप विशेष पाठ्यक्रम विकसित किए जाएंगे, ताकि विद्यार्थियों को वैश्विक स्तर की शिक्षा और व्यावहारिक प्रशिक्षण मिल सके। विशेषज्ञों का मानना है कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता आने वाले वर्षों में स्वास्थ्य, कृषि, विनिर्माण, वित्त, परिवहन और सार्वजनिक प्रशासन सहित लगभग सभी क्षेत्रों को प्रभावित करेगी। ऐसे में विशेष एआई विश्वविद्यालय की स्थापना भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था और ज्ञान आधारित विकास को नई दिशा दे सकती है। उद्योग जगत का भी मानना है कि इससे कुशल मानव संसाधन तैयार होंगे और भारत की वैश्विक एआई प्रतिस्पर्धा में स्थिति मजबूत होगी। सरकार ने संकेत दिए हैं कि विश्वविद्यालय की स्थापना, शैक्षणिक संरचना, पाठ्यक्रम और संचालन से संबंधित विस्तृत जानकारी आगामी चरणों में जारी की जाएगी। यह पहल भारत को कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित अनुसंधान और नवाचार के क्षेत्र में अग्रणी देशों की श्रेणी में स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

by Dainikshamtak on | 2026-07-15 14:56:52

Related Post