केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख में स्थानीय प्रशासनिक व्यवस्था को और सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया जा रहा है। सरकार ने संकेत दिए हैं कि लद्दाख के सभी सात जिलों में स्वायत्त हिल काउंसिल स्थापित की जाएंगी। वर्तमान में लेह और कारगिल में लद्दाख स्वायत्त हिल विकास परिषद कार्यरत हैं, जबकि प्रस्तावित व्यवस्था के तहत नवगठित जिलों सहित सभी सात जिलों को अपनी-अपनी स्वायत्त हिल काउंसिल मिलने की संभावना है। इस पहल का उद्देश्य स्थानीय स्तर पर प्रशासनिक विकेंद्रीकरण को बढ़ावा देना, विकास योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी लाना तथा स्थानीय समुदायों की भागीदारी को मजबूत करना है। स्वायत्त हिल काउंसिलों को क्षेत्रीय विकास, स्थानीय अवसंरचना, शिक्षा, स्वास्थ्य, ग्रामीण विकास और अन्य प्रशासनिक विषयों पर निर्णय लेने की महत्वपूर्ण भूमिका दी जाती है। विशेषज्ञों का मानना है कि सभी जिलों में ऐसी परिषदों की स्थापना से स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप योजनाएं अधिक प्रभावी ढंग से लागू की जा सकेंगी। लद्दाख वर्ष 2019 में केंद्र शासित प्रदेश बनने के बाद से प्रशासनिक ढांचे को मजबूत करने के लिए विभिन्न सुधारों की प्रक्रिया से गुजर रहा है। हाल के वर्षों में नए जिलों के गठन और प्रशासनिक पुनर्गठन के बाद स्थानीय प्रतिनिधित्व बढ़ाने की मांग भी उठती रही है। प्रस्तावित हिल काउंसिल व्यवस्था को इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। हालांकि परिषदों की संरचना, अधिकार, निर्वाचन प्रक्रिया और कार्यक्षेत्र से संबंधित विस्तृत प्रावधान सरकार द्वारा आधिकारिक अधिसूचना जारी होने के बाद स्पष्ट किए जाएंगे। राजनीतिक और प्रशासनिक विशेषज्ञों का कहना है कि यदि यह व्यवस्था प्रभावी रूप से लागू होती है, तो लद्दाख में स्थानीय शासन, विकास कार्यों की निगरानी और जनभागीदारी को नई मजबूती मिलेगी। फिलहाल इस प्रस्ताव को लेकर विभिन्न हितधारकों की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं और अंतिम निर्णय के बाद इसके क्रियान्वयन की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।
by Dainikshamtak on | 2026-07-14 18:11:26