कर्नाटक का बड़ा लक्ष्य, 2029 तक 500 नए ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर स्थापित करने की तैयारी

कर्नाटक का बड़ा लक्ष्य, 2029 तक 500 नए ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर स्थापित करने की तैयारी

 कर्नाटक सरकार ने राज्य को वैश्विक प्रौद्योगिकी और नवाचार का प्रमुख केंद्र बनाने की दिशा में बड़ा लक्ष्य निर्धारित किया है। मुख्यमंत्री ने घोषणा की है कि वर्ष 2029 तक राज्य में 500 नए ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (जीसीसी) स्थापित करने का लक्ष्य रखा गया है। सरकार का मानना है कि इस पहल से निवेश, रोजगार, अनुसंधान एवं विकास तथा उच्च कौशल आधारित सेवाओं को नई गति मिलेगी। वर्तमान में बेंगलुरु सहित कर्नाटक देश के सबसे बड़े जीसीसी हब के रूप में उभर चुका है, जहां दुनिया की अनेक अग्रणी कंपनियां अपने अनुसंधान, इंजीनियरिंग, वित्त, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, साइबर सुरक्षा, डेटा एनालिटिक्स और डिजिटल नवाचार केंद्र संचालित कर रही हैं। सरकार का कहना है कि नई नीति के तहत निवेशकों को बेहतर बुनियादी ढांचा, कुशल मानव संसाधन, उद्योग-अनुकूल नीतियां और आधुनिक तकनीकी पारिस्थितिकी तंत्र उपलब्ध कराया जाएगा। राज्य का उद्देश्य केवल नए जीसीसी स्थापित करना ही नहीं, बल्कि उन्हें वैश्विक स्तर के अनुसंधान और नवाचार केंद्रों के रूप में विकसित करना भी है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह लक्ष्य निर्धारित समय में हासिल होता है, तो कर्नाटक में लाखों प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर उत्पन्न हो सकते हैं। साथ ही राज्य का सूचना प्रौद्योगिकी और सेवा क्षेत्र वैश्विक प्रतिस्पर्धा में और मजबूत होगा। सरकार स्टार्टअप, सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रॉनिक्स, कृत्रिम बुद्धिमत्ता और डिजिटल तकनीकों पर भी विशेष ध्यान दे रही है, जिससे वैश्विक कंपनियों को निवेश के लिए आकर्षित किया जा सके। उद्योग जगत का मानना है कि मजबूत तकनीकी प्रतिभा, विश्वस्तरीय शैक्षणिक संस्थान और विकसित आईटी अवसंरचना कर्नाटक को जीसीसी निवेश के लिए सबसे पसंदीदा गंतव्य बनाते हैं। सरकार ने विश्वास जताया है कि 2029 तक निर्धारित लक्ष्य हासिल करने से राज्य की अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी और भारत वैश्विक क्षमता केंद्रों के क्षेत्र में अपनी अग्रणी स्थिति को और मजबूत कर सकेगा।

by Dainikshamtak on | 2026-07-15 14:58:00

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