'6 महीने की तैयारी मिले तो वन नेशन, वन इलेक्शन कराने को तैयार', मुख्य चुनाव आयुक्त का बड़ा बयान

'6 महीने की तैयारी मिले तो वन नेशन, वन इलेक्शन कराने को तैयार', मुख्य चुनाव आयुक्त का बड़ा बयान

 मुख्य चुनाव आयुक्त (Chief Election Commissioner) ने कहा है कि यदि आवश्यक कानूनी और संवैधानिक प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद चुनाव आयोग को छह महीने का समय दिया जाता है, तो आयोग 'वन नेशन, वन इलेक्शन' कराने के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने स्पष्ट किया कि चुनाव आयोग के पास देशव्यापी चुनाव आयोजित करने का व्यापक अनुभव और प्रशासनिक क्षमता है। हालांकि इस व्यवस्था को लागू करने से पहले संसद द्वारा आवश्यक विधायी एवं संवैधानिक प्रावधानों को अंतिम रूप दिया जाना आवश्यक होगा। मुख्य चुनाव आयुक्त ने कहा कि चुनाव आयोग का दायित्व सरकार या संसद द्वारा बनाए गए कानूनों के अनुसार चुनाव कराना है और आयोग किसी भी नई चुनावी व्यवस्था को लागू करने के लिए पूरी तैयारी के साथ काम करेगा। 'वन नेशन, वन इलेक्शन' का उद्देश्य लोकसभा और सभी राज्य विधानसभा चुनावों को एक साथ कराना है, ताकि बार-बार होने वाले चुनावों पर होने वाले खर्च, प्रशासनिक संसाधनों के उपयोग और चुनाव आचार संहिता के लगातार लागू रहने जैसी चुनौतियों को कम किया जा सके। इस प्रस्ताव को लेकर देश में व्यापक राजनीतिक और संवैधानिक बहस जारी है। कुछ राजनीतिक दल इसे प्रशासनिक दक्षता और विकास कार्यों में तेजी लाने वाला कदम मानते हैं, जबकि अन्य दल संघीय ढांचे, राज्यों के अधिकारों और लोकतांत्रिक प्रतिनिधित्व से जुड़े मुद्दों पर अपनी चिंताएं व्यक्त कर रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि इस व्यवस्था को लागू करने के लिए संविधान के कई अनुच्छेदों में संशोधन, विभिन्न चुनावी कानूनों में बदलाव तथा सभी राज्यों और राजनीतिक दलों के बीच व्यापक सहमति आवश्यक होगी। चुनाव आयोग ने यह भी संकेत दिया है कि यदि कानूनी ढांचा तैयार हो जाता है और पर्याप्त समय उपलब्ध कराया जाता है, तो वह देशभर में एक साथ चुनाव कराने के लिए आवश्यक लॉजिस्टिक्स, इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों, सुरक्षा बलों और चुनावी कर्मचारियों की व्यवस्था करने में सक्षम है। फिलहाल इस विषय पर अंतिम निर्णय संसद और संबंधित संवैधानिक प्रक्रिया के पूरा होने के बाद ही लिया जाएगा।

by Dainikshamtak on | 2026-07-16 15:44:53

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