भारत सरकार की महत्वाकांक्षी इंडियाएआई मिशन के तहत कृत्रिम बुद्धिमत्ता क्षेत्र में काम कर रही स्टार्टअप कंपनी सर्वोम एआई में हिस्सेदारी लेने की संभावना पर विचार किया जा रहा है। रिपोर्टों के अनुसार सरकार और कंपनी के बीच इस संबंध में प्रारंभिक स्तर पर चर्चा चल रही है। यदि यह प्रस्ताव आगे बढ़ता है, तो सरकार इंडियाएआई मिशन के माध्यम से किसी प्रमुख एआई स्टार्टअप में प्रत्यक्ष इक्विटी हिस्सेदारी लेने वाली पहली संस्थाओं में शामिल हो सकती है। सर्वोम एआई भारत में बड़े भाषा मॉडल, जनरेटिव एआई और भारतीय भाषाओं के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित समाधान विकसित करने पर कार्य कर रही है। इंडियाएआई मिशन का उद्देश्य देश में एआई अनुसंधान, नवाचार, कंप्यूटिंग अवसंरचना, स्टार्टअप पारिस्थितिकी तंत्र और स्वदेशी तकनीकी क्षमताओं को बढ़ावा देना है। सरकार पहले ही उच्च क्षमता वाले कंप्यूटिंग संसाधन, एआई नवाचार केंद्र, कौशल विकास और अनुसंधान परियोजनाओं को प्रोत्साहित करने के लिए कई पहल शुरू कर चुकी है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि सरकार किसी एआई स्टार्टअप में निवेश करती है, तो इससे भारत में कृत्रिम बुद्धिमत्ता क्षेत्र को नई गति मिल सकती है और निजी क्षेत्र के साथ सार्वजनिक सहयोग का एक नया मॉडल विकसित हो सकता है। इससे अनुसंधान एवं विकास, भारतीय भाषाओं के लिए एआई मॉडल, डेटा अवसंरचना और वैश्विक प्रतिस्पर्धा में देश की स्थिति मजबूत होने की संभावना है। हालांकि इस प्रस्ताव पर अभी अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है और संबंधित पक्षों की ओर से आधिकारिक घोषणा का इंतजार है। आर्थिक और प्रौद्योगिकी विशेषज्ञों के अनुसार एआई आज वैश्विक अर्थव्यवस्था, उद्योग, शिक्षा, स्वास्थ्य, रक्षा और प्रशासन सहित अनेक क्षेत्रों में परिवर्तन का प्रमुख माध्यम बन चुका है। भारत भी इस क्षेत्र में अपनी क्षमता बढ़ाने के लिए दीर्घकालिक रणनीति पर काम कर रहा है। यदि यह निवेश प्रस्ताव साकार होता है, तो यह भारत के एआई स्टार्टअप पारिस्थितिकी तंत्र के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हो सकती है और देश में स्वदेशी कृत्रिम बुद्धिमत्ता तकनीकों के विकास को नई दिशा मिल सकती है। फिलहाल इस विषय पर सरकार और कंपनी की ओर से अंतिम निर्णय की प्रतीक्षा की जा रही है।
by Dainikshamtak on | 2026-06-28 17:59:44