अभिनेता और सामाजिक मुद्दों पर मुखर राय रखने वाले प्रकाश राज एक बार फिर कानूनी विवादों के केंद्र में आ गए हैं। बेंगलुरु की एक अदालत ने उनके खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किया है। यह कार्रवाई उस मामले से जुड़ी है जिसमें आरोप लगाया गया है कि उनका नाम विभिन्न राज्यों की एक से अधिक मतदाता सूचियों में दर्ज था। रिपोर्टों के अनुसार यह मामला कई वर्षों से न्यायिक प्रक्रिया में है और अदालत ने प्रकाश राज को कई बार पेश होने के लिए समन जारी किए थे। हालांकि अदालत के समक्ष उनकी अनुपस्थिति के बाद गैर-जमानती वारंट जारी करने का निर्णय लिया गया। बताया जा रहा है कि यह इस मामले में जारी किया गया तीसरा गैर-जमानती वारंट है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि प्रकाश राज का नाम कर्नाटक के अलावा अन्य राज्यों की मतदाता सूचियों में भी दर्ज था, जो चुनावी नियमों के अनुरूप नहीं है। वहीं प्रकाश राज पहले इन आरोपों को निराधार बता चुके हैं और उनका कहना रहा है कि वे केवल एक ही स्थान पर मतदान करते हैं। अदालत में मामला अभी विचाराधीन है और आरोपों पर अंतिम निर्णय आना बाकी है।
कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार गैर-जमानती वारंट जारी होने का अर्थ यह नहीं है कि व्यक्ति दोषी सिद्ध हो गया है, बल्कि यह अदालत में उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए अपनाई जाने वाली कानूनी प्रक्रिया का हिस्सा होता है। संबंधित व्यक्ति के पास अदालत से राहत मांगने और कानूनी उपाय अपनाने का अधिकार भी होता है। इस मामले की अगली सुनवाई जुलाई में निर्धारित की गई है, जहां आगे की न्यायिक प्रक्रिया तय होगी।
प्रकाश राज भारतीय फिल्म उद्योग के जाने-माने अभिनेता हैं और उन्होंने हिंदी, तमिल, तेलुगु, कन्नड़ तथा मलयालम फिल्मों में काम किया है। हाल के वर्षों में वे सामाजिक और राजनीतिक मुद्दों पर अपनी स्पष्ट टिप्पणियों के कारण भी चर्चा में रहे हैं। फिलहाल इस मामले में अदालत की कार्यवाही जारी है और सभी पक्षों के तर्कों तथा साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। जब तक न्यायिक प्रक्रिया पूरी नहीं हो जाती, तब तक आरोपों को केवल आरोप के रूप में ही देखा जाना चाहिए।
by Dainikshamtak on | 2026-06-25 14:06:59