असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने दावा किया है कि राज्य नवंबर से प्रतिदिन 4.8 करोड़ सेमीकंडक्टर चिप्स के निर्यात की क्षमता हासिल कर लेगा। यह घोषणा असम को भारत के उभरते हुए इलेक्ट्रॉनिक्स और सेमीकंडक्टर विनिर्माण केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। मुख्यमंत्री के अनुसार राज्य में विकसित हो रही सेमीकंडक्टर उत्पादन सुविधाएं जल्द ही व्यावसायिक स्तर पर उत्पादन शुरू करेंगी, जिससे असम वैश्विक इलेक्ट्रॉनिक्स आपूर्ति श्रृंखला का महत्वपूर्ण हिस्सा बन सकता है। हाल के वर्षों में भारत सरकार ने सेमीकंडक्टर विनिर्माण को बढ़ावा देने के लिए कई प्रोत्साहन योजनाएं शुरू की हैं। देश का लक्ष्य इलेक्ट्रॉनिक्स और चिप निर्माण में आत्मनिर्भरता हासिल करना तथा वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाना है। इसी रणनीति के तहत असम सहित कई राज्यों में बड़े निवेश आकर्षित किए गए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में विकसित हो रही परियोजनाएं केवल उत्पादन तक सीमित नहीं रहेंगी, बल्कि रोजगार सृजन, कौशल विकास और औद्योगिक पारिस्थितिकी तंत्र को भी मजबूत करेंगी। सेमीकंडक्टर चिप्स आधुनिक तकनीकी दुनिया की रीढ़ माने जाते हैं और इनका उपयोग स्मार्टफोन, कंप्यूटर, ऑटोमोबाइल, दूरसंचार उपकरण, रक्षा प्रणालियों, चिकित्सा उपकरणों तथा कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित तकनीकों में व्यापक रूप से किया जाता है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि असम निर्धारित लक्ष्य के अनुसार उत्पादन और निर्यात शुरू करने में सफल होता है, तो यह पूर्वोत्तर भारत के औद्योगिक विकास में ऐतिहासिक परिवर्तन ला सकता है। इससे क्षेत्र में नए निवेश आकर्षित होने और उच्च तकनीक आधारित उद्योगों के विस्तार की संभावनाएं भी बढ़ेंगी। आर्थिक विश्लेषकों के अनुसार सेमीकंडक्टर उद्योग का विकास केवल विनिर्माण तक सीमित नहीं रहता, बल्कि इसके साथ अनुसंधान, डिजाइन, लॉजिस्टिक्स और सहायक उद्योगों का भी विस्तार होता है। राज्य सरकार का दावा है कि यह परियोजना असम को नई औद्योगिक पहचान देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। आने वाले महीनों में उत्पादन और निर्यात की वास्तविक प्रगति पर उद्योग जगत और निवेशकों की विशेष नजर रहेगी, क्योंकि यह परियोजना भारत की सेमीकंडक्टर महत्वाकांक्षाओं के लिए भी एक महत्वपूर्ण परीक्षण साबित हो सकती है।
by Dainikshamtak on | 2026-06-25 14:03:38