डिजिटल भुगतान मंच फोनपे ने अपने वॉलेट उपयोगकर्ताओं के लिए एक नया नियम लागू किया है, जिसके तहत लंबे समय तक निष्क्रिय रहने वाले वॉलेट पर 100 रुपये प्रति तिमाही का निष्क्रियता रखरखाव शुल्क लगाया जाएगा। कंपनी के अनुसार यह शुल्क केवल उन फोनपे वॉलेट्स पर लागू होगा जिनमें निर्धारित अवधि तक कोई लेनदेन नहीं हुआ है। रिपोर्टों के अनुसार ऐसे वॉलेट जो लंबे समय से उपयोग में नहीं हैं, उन्हें निष्क्रिय श्रेणी में रखा जाएगा और उनके रखरखाव तथा परिचालन लागत की भरपाई के लिए यह शुल्क लिया जाएगा। कंपनी का कहना है कि निष्क्रिय खातों को बनाए रखने, सुरक्षा मानकों का पालन करने और तकनीकी अवसंरचना संचालित करने में लगातार लागत आती है, जिसके मद्देनजर यह निर्णय लिया गया है। फोनपे की वॉलेट शर्तों के अनुसार यदि किसी वॉलेट में लंबे समय तक कोई गतिविधि नहीं होती है तो उसे निष्क्रिय माना जा सकता है। नए शुल्क के लागू होने के बाद ऐसे वॉलेट धारकों को अपने खातों का उपयोग जारी रखने या उपलब्ध शेष राशि का प्रबंधन करने की आवश्यकता होगी। विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम डिजिटल भुगतान उद्योग में निष्क्रिय खातों के प्रबंधन से जुड़ी चुनौतियों के समाधान के रूप में देखा जा सकता है, हालांकि इससे कुछ उपयोगकर्ताओं के बीच असंतोष भी देखने को मिला है। सोशल मीडिया और ऑनलाइन मंचों पर कई उपयोगकर्ताओं ने इस निर्णय पर प्रतिक्रिया व्यक्त की है और निष्क्रिय वॉलेट्स में रखी राशि को लेकर चिंता जताई है। वित्तीय क्षेत्र के जानकारों का कहना है कि डिजिटल वॉलेट उपयोगकर्ताओं को समय-समय पर अपने खातों की स्थिति की समीक्षा करनी चाहिए और यदि वे किसी सेवा का उपयोग नहीं कर रहे हैं तो उपलब्ध विकल्पों की जानकारी लेनी चाहिए। फोनपे ने स्पष्ट किया है कि यह शुल्क बैंक खातों या सामान्य यूपीआई लेनदेन पर नहीं बल्कि केवल निष्क्रिय वॉलेट बैलेंस पर लागू होगा। यह घोषणा ऐसे समय में आई है जब डिजिटल भुगतान क्षेत्र में प्रतिस्पर्धा लगातार बढ़ रही है और कंपनियां अपने परिचालन मॉडल को अधिक टिकाऊ बनाने के लिए नए उपाय अपना रही हैं।
by Dainikshamtak on | 2026-06-19 15:40:20