भारतीय रेलवे की टिकट बुकिंग व्यवस्था से जुड़े आईआरसीटीसी ने वित्त वर्ष 2025-26 में एक नया रिकॉर्ड बनाया है, जिसके तहत औसतन 14.53 लाख टिकट प्रतिदिन बुक किए गए। यह आंकड़ा पिछले वित्त वर्ष 2024-25 के 13.88 लाख प्रतिदिन के औसत से अधिक है, जो ऑनलाइन रेल टिकटिंग के प्रति यात्रियों के बढ़ते भरोसे और डिजिटल प्लेटफॉर्म के व्यापक उपयोग को दर्शाता है। रेलवे प्रणाली में यह वृद्धि न केवल तकनीकी क्षमता का संकेत है, बल्कि यह भी बताती है कि देश में रेल यात्रा की मांग लगातार मजबूत बनी हुई है। रिपोर्टों के अनुसार, आईआरसीटीसी ने इसी अवधि में फर्जी और संदिग्ध पहचान वाले खातों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की है, ताकि टिकट बुकिंग प्रणाली को अधिक पारदर्शी और सुरक्षित बनाया जा सके। ऑनलाइन टिकटिंग की लोकप्रियता बढ़ने के साथ तत्काल और सामान्य आरक्षित टिकटों की मांग भी तेज बनी हुई है, जिसके चलते आईआरसीटीसी के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर लगातार भारी ट्रैफिक देखा जा रहा है। वित्त वर्ष 2025-26 में आरक्षित रेल टिकटों की लगभग 89 प्रतिशत बुकिंग आईआरसीटीसी के ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के माध्यम से हुई, जो इस प्रणाली की केंद्रीय भूमिका को रेखांकित करता है। एक ही दिन में 18.40 लाख टिकटों की बुकिंग का सर्वोच्च दैनिक रिकॉर्ड भी इसी अवधि में दर्ज किया गया, जबकि एक मिनट में 37,410 टिकट बुक होने का नया कीर्तिमान भी सामने आया। ये आंकड़े बताते हैं कि भारतीय रेलवे की टिकटिंग प्रणाली अब देश के सबसे बड़े डिजिटल लेनदेन प्लेटफॉर्म में से एक बन चुकी है। बढ़ती मांग, बेहतर तकनीक और सुरक्षा उपायों के संयोजन ने आईआरसीटीसी को इस स्तर तक पहुंचाया है, जहां वह रोजाना करोड़ों यात्रियों की यात्रा योजना का अहम हिस्सा बन गया है।
by Dainikshamtak on | 2026-06-05 15:38:49