केंद्र सरकार ने ओडिशा, तेलंगाना, बिहार और मध्य प्रदेश में चार बड़े राष्ट्रीय राजमार्ग प्रोजेक्ट्स को मंजूरी दे दी है, जिन पर कुल ₹24,249.6 करोड़ खर्च किए जाएंगे। इन परियोजनाओं का उद्देश्य राज्यों के बीच बेहतर कनेक्टिविटी, जाम कम करना, यात्रा समय घटाना और लॉजिस्टिक्स नेटवर्क को मजबूत बनाना है। सबसे बड़ी परियोजना ओडिशा में रथेश्वर-परादीप तटीय राजमार्ग है, जिसकी अनुमानित लागत ₹8,300.79 करोड़ है। यह 160.18 किलोमीटर लंबा कॉरिडोर होगा, जिसे हाइब्रिड एन्युटी मॉडल पर विकसित किया जाएगा। इसके बनने से रथेश्वर और परादीप के बीच यात्रा समय लगभग ढाई घंटे कम होने की उम्मीद है। यह मार्ग बंदरगाहों, पर्यटन स्थलों और औद्योगिक केंद्रों के लिए भी महत्वपूर्ण कनेक्टिविटी उपलब्ध कराएगा। तेलंगाना में आर्मूर-जगतियाल-मनचेरियल और जगतियाल-करिमनगर सेक्शनों के चौड़ीकरण को मंजूरी मिली है। 190.76 किलोमीटर लंबे इस प्रोजेक्ट पर ₹7,597.16 करोड़ खर्च होंगे। इस काम से राज्य के भीतर भीड़भाड़ कम होगी और औद्योगिक, शैक्षणिक तथा कृषि क्षेत्रों तक पहुंच और आसान बनेगी। बिहार में खगड़िया-पूर्णिया सेक्शन के उन्नयन के लिए ₹3,936.05 करोड़ स्वीकृत किए गए हैं। यह 143.53 किलोमीटर लंबा प्रोजेक्ट एनसीआर और पूर्वी भारत के बीच सड़क संपर्क को बेहतर करेगा, साथ ही पथ सुरक्षा और माल परिवहन की दक्षता भी बढ़ाएगा। इन हाईवे प्रोजेक्ट्स से केवल यात्रा का समय ही नहीं घटेगा, बल्कि आर्थिक गतिविधियों को भी गति मिलने की संभावना है। बेहतर सड़क नेटवर्क से व्यापार, कृषि, पर्यटन और औद्योगिक निवेश को सहारा मिलेगा। सरकार का यह फैसला इंफ्रास्ट्रक्चर के जरिए विकास को तेज़ करने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
by Dainikshamtak on | 2026-06-05 15:26:14