सौरव गांगुली की सुरक्षा जेड श्रेणी से घटाकर वाई श्रेणी की गई

सौरव गांगुली की सुरक्षा जेड श्रेणी से घटाकर वाई श्रेणी की गई

भारतीय क्रिकेट के पूर्व कप्तान और बीसीसीआई के पूर्व अध्यक्ष सौरव गांगुली की सुरक्षा व्यवस्था में बदलाव की खबर सामने आई है। रिपोर्ट के अनुसार, गांगुली को मिली सुरक्षा को जेड श्रेणी (Z-category) से घटाकर वाई श्रेणी (Y-category) कर दिया गया है। यह जानकारी सोशल मीडिया के माध्यम से सामने आई है।

सौरव गांगुली भारतीय क्रिकेट के सबसे प्रभावशाली नामों में गिने जाते हैं। पश्चिम बंगाल से ताल्लुक रखने वाले गांगुली ने लंबे समय तक भारतीय टीम की कप्तानी की और बाद में भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) के अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी भी संभाली। खेल जगत में उनकी सक्रियता और सार्वजनिक उपस्थिति को देखते हुए उन्हें सुरक्षा कवर उपलब्ध कराया गया है।

भारत में किसी भी व्यक्ति को दी जाने वाली सुरक्षा का स्तर खतरे के आकलन (threat perception) के आधार पर तय किया जाता है। जेड श्रेणी की सुरक्षा एक उच्च स्तर की सुरक्षा व्यवस्था मानी जाती है, जिसमें सुरक्षाकर्मियों की एक बड़ी टुकड़ी संबंधित व्यक्ति की सुरक्षा में तैनात रहती है। इसमें केंद्रीय और राज्य सुरक्षा बलों के जवान शामिल हो सकते हैं।

वहीं, वाई श्रेणी की सुरक्षा जेड श्रेणी की तुलना में अपेक्षाकृत सीमित होती है। इसमें तैनात किए जाने वाले सुरक्षाकर्मियों की संख्या कम होती है। श्रेणी में किया गया यह बदलाव सुरक्षा व्यवस्था के स्तर में परिवर्तन को दर्शाता है।

देश में सुरक्षा श्रेणियों का निर्धारण आमतौर पर खुफिया एजेंसियों और गृह मंत्रालय अथवा संबंधित राज्य सरकार की रिपोर्टों के आधार पर किया जाता है। समय-समय पर इन सुरक्षा व्यवस्थाओं की समीक्षा की जाती है और खतरे के आकलन में बदलाव के अनुसार सुरक्षा का स्तर बढ़ाया या घटाया जा सकता है।

उपलब्ध जानकारी में सुरक्षा श्रेणी में इस बदलाव के पीछे का कोई आधिकारिक कारण नहीं बताया गया है। ऐसे मामलों में संबंधित अधिकारियों की ओर से जारी आधिकारिक पुष्टि या विस्तृत जानकारी का इंतजार रहता है।

सार्वजनिक हस्तियों, विशेषकर खेल और प्रशासनिक क्षेत्र से जुड़े लोगों की सुरक्षा से जुड़े फैसले अक्सर चर्चा का विषय बनते हैं। सौरव गांगुली की सुरक्षा श्रेणी में हुए इस बदलाव को लेकर भी सोशल मीडिया पर लोगों की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।

by Dainikshamtak on | 2026-06-04 17:35:30

Related Post