गुजरात के शहर 2030 तक होंगे ओवरहेड तारों से मुक्त, कैबिनेट ने वायर-फ्री सिटी मिशन को मंजूरी दी

 गुजरात के शहर 2030 तक होंगे ओवरहेड तारों से मुक्त, कैबिनेट ने वायर-फ्री सिटी मिशन को मंजूरी दी

 गुजरात सरकार ने राज्य के शहरों और कस्बों को 2030 तक ओवरहेड तारों से मुक्त करने का फैसला किया है। इस योजना के तहत मौजूदा बिजली वितरण नेटवर्क को चरणबद्ध तरीके से भूमिगत केबल नेटवर्क में बदला जाएगा। राज्य मंत्रिमंडल ने इस महत्वाकांक्षी परियोजना को सैद्धांतिक मंजूरी देते हुए शुरुआती चरण के लिए ₹500 करोड़ का प्रावधान किया है। सरकार का कहना है कि इस कदम का उद्देश्य शहरी इलाकों की सुरक्षा बढ़ाना, तकनीकी खामियों को कम करना और प्राकृतिक आपदाओं के दौरान होने वाले हादसों को रोकना है। गुजरात वायर-फ्री सिटी मिशन के तहत राज्य की 17 नगर निगमों और 151 नगरपालिकाओं को शामिल किया जाएगा। योजना के अनुसार उच्च तनाव वाली ओवरहेड बिजली लाइनों और निम्न तनाव वाली लाइनों को अलग-अलग चरणों में भूमिगत किया जाएगा। पहले चरण में 11 केवी ओवरहेड लाइनों को भूमिगत केबल में बदला जाएगा, जिसके बाद लो-टेंशन नेटवर्क को भी इसी ढांचे में स्थानांतरित किया जाएगा। अधिकारियों के मुताबिक यह मिशन केवल बिजली आपूर्ति को अधिक भरोसेमंद बनाने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य शहरों की सुंदरता, सुरक्षा और समग्र शहरी वातावरण में सुधार करना भी है। विशेष रूप से चक्रवात, तूफान और तेज हवाओं जैसी परिस्थितियों में तार टूटने, शॉर्ट सर्किट और बिजली बाधित होने की घटनाओं को कम करने में यह योजना सहायक होगी। सरकार का कहना है कि भूमिगत नेटवर्क बनने से नागरिकों को बेहतर, निर्बाध और अधिक गुणवत्तापूर्ण बिजली सेवा मिलेगी। यह परियोजना गुजरात के स्मार्ट और ग्रीन सिटी विजन के अनुरूप मानी जा रही है और शहरी बुनियादी ढांचे के आधुनिकीकरण की दिशा में एक बड़ा कदम है।


by Dainikshamtak on | 2026-06-04 13:33:29

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