JSW Steel ने आने वाले सात वर्षों में भारत में लगभग 20 अरब डॉलर निवेश की योजना बनाई है। कंपनी का यह कदम देश में तेजी से बढ़ती इस्पात मांग, बुनियादी ढांचे के विस्तार और औद्योगिक उत्पादन में संभावित उछाल को देखते हुए उठाया गया है। कंपनी के प्रबंध निदेशक जयरंत आचार्य के अनुसार भारत में स्टील की घरेलू खपत आने वाले वर्षों में 80 प्रतिशत से अधिक बढ़ सकती है और यह मौजूदा स्तर से 300 मिलियन टन से भी ऊपर जा सकती है। इसी अनुमान के आधार पर JSW Steel अपनी उत्पादन क्षमता, मूल्यवर्धित इस्पात उत्पादों और घरेलू विनिर्माण आधार को मजबूत करने पर जोर दे रही है। यह निवेश औसतन हर साल लगभग 3 अरब डॉलर के बराबर होगा, जिससे कंपनी अपने विस्तार कार्यक्रम को चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ाएगी। JSW Steel की रणनीति केवल क्षमता बढ़ाने तक सीमित नहीं है, बल्कि ऑटोमोबाइल, ऊर्जा और औद्योगिक क्षेत्रों के लिए विशेष ग्रेड स्टील के उत्पादन को भी बढ़ाना है। भारत में सड़क, रेल, शहरी ढांचे और विनिर्माण क्षेत्र में चल रहे पूंजीगत खर्च को देखते हुए इस्पात की मांग दीर्घकालिक रूप से मजबूत रहने की संभावना है। कंपनी का मानना है कि भारत अब एक ऐसे विकास चरण में प्रवेश कर चुका है जहां बुनियादी ढांचा और मैन्युफैक्चरिंग मिलकर एक बड़ा अवसर बना रहे हैं। इस निवेश से घरेलू आपूर्ति शृंखला को मजबूती मिलने, आयात पर निर्भरता घटने और स्थानीय स्तर पर रोजगार तथा औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। JSW Steel का यह फैसला भारतीय स्टील उद्योग में प्रतिस्पर्धा, नवाचार और विस्तार के नए दौर का संकेत भी माना जा रहा है।
by Dainikshamtak on | 2026-06-04 13:34:47