भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड आईपीएल के लिए सितंबर और अक्टूबर के बीच एक वैकल्पिक विंडो तलाशने पर विचार कर रहा है। यह कदम खासतौर पर देश में पड़ने वाली भीषण गर्मी से बचने और 2028 से संभावित 94 मैचों वाले बड़े टूर्नामेंट प्रारूप को संभालने की तैयारी के रूप में देखा जा रहा है। मौजूदा समय में आईपीएल आमतौर पर मार्च से मई के बीच खेला जाता है, लेकिन लगातार बढ़ते तापमान, खिलाड़ियों की फिटनेस, मैचों के समय और आयोजन संबंधी चुनौतियों को देखते हुए बोर्ड भविष्य के लिए नए विकल्पों पर विचार कर रहा है। रिपोर्टों के अनुसार 2028 से टूर्नामेंट का विस्तार 94 मैचों तक हो सकता है, जिससे पूरा होम और अवे फॉर्मेट लागू करने की संभावना बनेगी। ऐसे में मौजूदा शेड्यूल में बदलाव आवश्यक माना जा रहा है। सितंबर-अक्टूबर की विंडो को लेकर इसलिए भी चर्चा है, क्योंकि यह अवधि मौसम के लिहाज से अपेक्षाकृत अनुकूल हो सकती है और प्रसारण, प्रायोजन तथा दर्शक जुड़ाव के लिहाज से भी इसे लाभकारी माना जा रहा है। हालांकि यह अभी शुरुआती स्तर की चर्चा है और इसे लागू करने के लिए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट कैलेंडर, द्विपक्षीय सीरीज, आईसीसी टूर्नामेंट और घरेलू क्रिकेट ढांचे के बीच संतुलन बनाना होगा। क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि अगर लीग का विस्तार होता है तो उसके लिए मैच दिनों, यात्रा समय, रिकवरी पीरियड और टीम प्रबंधन में भी बड़े बदलाव करने होंगे। बोर्ड की प्राथमिकता यह होगी कि प्रतिस्पर्धा का स्तर बरकरार रहे, खिलाड़ियों पर अनावश्यक दबाव न बढ़े और लीग की व्यावसायिक सफलता भी प्रभावित न हो। फिलहाल यह स्पष्ट है कि आईपीएल के भविष्य को लेकर बीसीसीआई गंभीर रूप से विकल्पों की समीक्षा कर रहा है और मौसम तथा शेड्यूल दोनों को ध्यान में रखते हुए एक लंबी अवधि की योजना पर काम किया जा रहा है।
by Dainikshamtak on | 2026-05-27 17:13:08