मिया वोटर टिप्पणी मामले में दिल्ली कोर्ट ने हिमंत बिस्वा सरमा को नोटिस जारी किया

 मिया वोटर टिप्पणी मामले में दिल्ली कोर्ट ने हिमंत बिस्वा सरमा को नोटिस जारी किया

दिल्ली की एक अदालत ने असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा और दिल्ली पुलिस को उस याचिका पर नोटिस जारी किया है, जिसमें उनके खिलाफ कथित घृणास्पद भाषण को लेकर प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की गई है। यह याचिका सामाजिक कार्यकर्ता हर्ष मंदर की ओर से दायर की गई है, जिसमें सरमा के उस बयान का उल्लेख है, जिसमें उन्होंने कथित तौर पर विशेष पुनरीक्षण प्रक्रिया के दौरान चार से पांच लाख “मिया” वोटरों को मतदाता सूची से हटाने की बात कही थी। याचिका में यह भी आरोप लगाया गया है कि सरमा ने लोगों से “मिया” समुदाय को परेशान करने की बात कही और यह दावा किया कि केवल परेशानियों के कारण ही वे असम छोड़ेंगे। अदालत ने इस याचिका पर संज्ञान लेते हुए संबंधित पक्षों से जवाब मांगा है और मामले की अगली सुनवाई 15 जुलाई 2026 को तय की गई है। इस विवाद ने एक बार फिर राजनीतिक भाषण, समुदाय-विशेष पर की गई टिप्पणियों और सार्वजनिक पद पर बैठे लोगों की जिम्मेदारियों को लेकर बहस तेज कर दी है। याचिकाकर्ता का तर्क है कि ऐसे बयान समाज में विभाजन पैदा कर सकते हैं और यह घृणा भड़काने की श्रेणी में आ सकते हैं। दूसरी ओर, यह मामला पहले भी विभिन्न अदालतों में चर्चा का विषय रह चुका है, जहां याचिकाकर्ताओं ने निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग की थी। अदालत द्वारा नोटिस जारी किए जाने के बाद अब सरमा और दिल्ली पुलिस को अपने जवाब दाखिल करने होंगे। यह प्रकरण केवल एक कानूनी विवाद नहीं, बल्कि राजनीतिक भाषा, संवैधानिक मर्यादा और समुदायों के बीच विश्वास बनाए रखने के प्रश्न से भी जुड़ा हुआ है। आने वाली सुनवाई में यह साफ होगा कि अदालत इस मामले को किस दिशा में आगे बढ़ाती है और क्या आगे कोई अतिरिक्त निर्देश जारी होते हैं।


by Dainikshamtak on | 2026-05-27 17:09:19

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