एयर इंडिया ने बढ़ती परिचालन लागत और ऊंची ईंधन कीमतों के बीच अपनी घरेलू सेवाओं में अस्थायी कटौती करने का फैसला किया है। कंपनी ने चयनित घरेलू मार्गों पर उड़ानों की आवृत्ति घटाने की घोषणा की है, जिससे कुल घरेलू संचालन पर लगभग 20 से 22 प्रतिशत तक असर पड़ने की संभावना जताई गई है। एयरलाइन का कहना है कि यह कदम उच्च एविएशन टर्बाइन फ्यूल कीमतों और मौजूदा परिचालन दबावों की वजह से उठाया गया है। कंपनी पहले ही अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क में भी कुछ उड़ानों को कम कर चुकी है, और अब घरेलू मार्गों पर भी समायोजन किया गया है। एयर इंडिया के अनुसार, यह फैसला अस्थायी है और मांग तथा परिचालन स्थितियों की लगातार समीक्षा की जाएगी। जैसे ही हालात स्थिर होंगे, उड़ानों की संख्या फिर से बहाल की जाएगी। रिपोर्टों के मुताबिक एयरलाइन वर्तमान में लगभग 4,400 साप्ताहिक उड़ानें संचालित करती है, जिनमें करीब 3,600 घरेलू और लगभग 800 अंतरराष्ट्रीय सेवाएं शामिल हैं। इस नई कटौती से यात्रियों को कुछ मार्गों पर कम विकल्प मिलेंगे, खासकर उन रूटों पर जहां मांग और लागत के बीच संतुलन बनाए रखना मुश्किल हो गया है। कंपनी ने कहा है कि उसका उद्देश्य अंतिम समय की असुविधा को कम करना और संचालन को अधिक स्थिर बनाना है। विमानन क्षेत्र के विशेषज्ञों का मानना है कि ईंधन की कीमतों में तेजी, भू-राजनीतिक तनाव और हवाई क्षेत्र संबंधी चुनौतियां एयरलाइंस की आय और मार्ग योजना पर सीधा असर डाल रही हैं। एयर इंडिया पर यह दबाव और भी अधिक है क्योंकि उसकी अंतरराष्ट्रीय उपस्थिति बड़ी है और लंबी दूरी की उड़ानों पर लागत का असर अपेक्षाकृत ज्यादा होता है। घरेलू उड़ानों में यह कटौती यात्रियों के लिए अस्थायी असुविधा पैदा कर सकती है, लेकिन एयरलाइन इसे वर्तमान परिस्थितियों में जरूरी प्रबंधनात्मक कदम बता रही है। आने वाले हफ्तों में किरायों, सीट उपलब्धता और रूट समायोजन पर इसका प्रभाव देखने को मिल सकता है।।
by Dainikshamtak on | 2026-05-27 17:11:49