जयशंकर बोले, इंडो-पैसिफिक को वैश्विक विकास का प्रमुख इंजन बने रहना चाहिए

जयशंकर बोले, इंडो-पैसिफिक को वैश्विक विकास का प्रमुख इंजन बने रहना चाहिए

S. Jaishankar ने Quad विदेश मंत्रियों की बैठक के दौरान कहा कि इंडो-पैसिफिक क्षेत्र को वैश्विक आर्थिक विकास का प्रमुख इंजन बने रहना चाहिए। उनका बयान ऐसे समय आया है जब इंडो-पैसिफिक रणनीति, समुद्री सुरक्षा और वैश्विक सप्लाई चेन स्थिरता अंतरराष्ट्रीय कूटनीति के केंद्र में बनी हुई हैं।

Quadrilateral Security Dialogue यानी Quad में India, United States, Japan और Australia शामिल हैं। यह समूह हाल के वर्षों में इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में रणनीतिक सहयोग, समुद्री सुरक्षा, आपूर्ति श्रृंखला और तकनीकी साझेदारी पर विशेष ध्यान दे रहा है।

विशेषज्ञों के अनुसार, इंडो-पैसिफिक क्षेत्र वैश्विक व्यापार, ऊर्जा आपूर्ति और समुद्री मार्गों का अत्यंत महत्वपूर्ण केंद्र है। दुनिया के बड़े हिस्से का व्यापार इसी क्षेत्र से गुजरता है, इसलिए इसकी स्थिरता और खुला समुद्री ढांचा वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है।

विश्लेषकों का कहना है कि S. Jaishankar की टिप्पणी भारत की उस व्यापक रणनीति को दर्शाती है जिसमें इंडो-पैसिफिक को केवल सुरक्षा नहीं बल्कि आर्थिक और तकनीकी विकास के केंद्र के रूप में देखा जा रहा है।

हाल के वर्षों में Quad देशों ने critical technology, resilient supply chains, maritime domain awareness, cybersecurity और infrastructure cooperation जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाया है। विशेषज्ञों के अनुसार, यह समूह चीन के बढ़ते प्रभाव और क्षेत्रीय भू-राजनीतिक प्रतिस्पर्धा के संदर्भ में भी महत्वपूर्ण माना जाता है।

हालांकि कुछ विश्लेषकों का कहना है कि Quad स्वयं को औपचारिक सैन्य गठबंधन के रूप में प्रस्तुत नहीं करता। सदस्य देश इसे “free, open and inclusive Indo-Pacific” के समर्थन वाले सहयोग मंच के रूप में वर्णित करते हैं।

India की “Act East Policy” और समुद्री रणनीति भी इंडो-पैसिफिक क्षेत्र को दीर्घकालिक आर्थिक और रणनीतिक अवसर के रूप में देखती है। विशेषज्ञों का कहना है कि भारत अब क्षेत्रीय connectivity, trade corridors और maritime partnerships पर अधिक ध्यान दे रहा है।

सोशल मीडिया और रणनीतिक हलकों में Quad बैठक और जयशंकर के बयान को लेकर व्यापक चर्चा देखने को मिली। कई लोगों ने इसे इंडो-पैसिफिक में भारत की बढ़ती कूटनीतिक भूमिका का संकेत बताया।

फिलहाल इंडो-पैसिफिक क्षेत्र वैश्विक रणनीति, व्यापार और सुरक्षा चर्चाओं का केंद्रीय विषय बना हुआ है।

by Dainikshamtak on | 2026-05-27 01:52:26

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