भारत ने 10 सेमीकंडक्टर यूनिट्स को मंजूरी दी, स्वदेशी चिप इकोसिस्टम को मिलेगा बड़ा बल

भारत ने 10 सेमीकंडक्टर यूनिट्स को मंजूरी दी, स्वदेशी चिप इकोसिस्टम को मिलेगा बड़ा बल

भारत सरकार ने सेमीकंडक्टर विनिर्माण को लेकर एक और बड़ा कदम उठाते हुए देश में 10 स्वीकृत सेमीकंडक्टर प्रोजेक्ट्स के जरिए स्वदेशी चिप इकोसिस्टम को मजबूत करने की दिशा में तेज़ी लाई है। आधिकारिक जानकारी के अनुसार, केंद्र सरकार ने अलग-अलग चरणों में सेमीकंडक्टर निर्माण, असेंबली, टेस्टिंग और पैकेजिंग से जुड़ी इकाइयों को मंजूरी दी है, जिससे भारत को इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादन के वैश्विक केंद्र के रूप में स्थापित करने की रणनीति को मजबूती मिल रही है। सरकार का उद्देश्य केवल आयात पर निर्भरता कम करना नहीं, बल्कि डिजाइन से लेकर निर्माण और उन्नत पैकेजिंग तक एक पूर्ण घरेलू सप्लाई चेन तैयार करना है। इन परियोजनाओं में गुजरात, असम, ओडिशा, पंजाब और आंध्र प्रदेश जैसे राज्यों में औद्योगिक इकाइयाँ स्थापित की जा रही हैं, जिनमें बड़े निजी निवेश और विदेशी तकनीकी साझेदारियों की भूमिका भी शामिल है। अधिकारियों के अनुसार इन परियोजनाओं से हजारों प्रत्यक्ष रोजगार और उससे कई गुना अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर बनेंगे। यह पहल विशेष रूप से इसलिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि स्मार्टफोन, ऑटोमोबाइल, रक्षा, दूरसंचार, एआई हार्डवेयर और औद्योगिक उपकरणों में सेमीकंडक्टर की मांग लगातार बढ़ रही है। भारत यदि अपने लिए एक विश्वसनीय सेमीकंडक्टर बेस तैयार कर लेता है, तो यह सप्लाई-चेन जोखिमों को कम करेगा और रणनीतिक तकनीकी आत्मनिर्भरता को बढ़ाएगा। सरकार की यह योजना भारत सेमीकंडक्टर मिशन के तहत आगे बढ़ रही है, जिसके माध्यम से प्रोत्साहन, ढांचागत सहायता, तकनीकी सहयोग और नीति स्थिरता प्रदान की जा रही है। उद्योग विशेषज्ञों का मानना है कि यह केवल एक विनिर्माण योजना नहीं, बल्कि भारत के तकनीकी भविष्य का आधार निर्माण है। यदि ये इकाइयाँ समय पर उत्पादन शुरू करती हैं, तो भारत आने वाले वर्षों में चिप डिजाइन और निर्माण के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण खिलाड़ी बन सकता है।।


by Dainikshamtak on | 2026-05-26 15:29:44

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