दिल्ली जिमखाना क्लब ने केंद्र के बेदखली आदेश को हाई कोर्ट में दी चुनौती, 27.3 एकड़ जमीन पर विवाद तेज

 दिल्ली जिमखाना क्लब ने केंद्र के बेदखली आदेश को हाई कोर्ट में दी चुनौती, 27.3 एकड़ जमीन पर विवाद तेज

दिल्ली जिमखाना क्लब ने केंद्र सरकार के उस आदेश के खिलाफ दिल्ली हाई कोर्ट का रुख किया है, जिसमें क्लब को लुटियंस दिल्ली स्थित अपनी 27.3 एकड़ जमीन 5 जून तक खाली करने को कहा गया था। यह मामला अब कानूनी और प्रशासनिक दोनों स्तरों पर महत्वपूर्ण विवाद बन गया है। केंद्र सरकार की ओर से भूमि एवं विकास कार्यालय ने आदेश जारी कर कहा था कि यह संपत्ति रक्षा से जुड़ी अवसंरचना को मजबूत करने और राष्ट्रीय सुरक्षा तथा सार्वजनिक हित से संबंधित आवश्यकताओं के लिए जरूरी है। आदेश के बाद क्लब के सदस्यों ने इस निर्देश को चुनौती देने का फैसला किया और वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने मामले को हाई कोर्ट में जल्द सुनवाई के लिए उल्लेखित किया। अदालत ने याचिका को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध कर लिया है। क्लब का तर्क है कि यह निर्देश अचानक दिया गया है और इससे उसके संचालन, कर्मचारियों तथा सदस्यों पर गंभीर प्रभाव पड़ सकता है। दूसरी ओर केंद्र का कहना है कि यह जमीन संवेदनशील और रणनीतिक क्षेत्र में स्थित है और सरकारी जरूरतों के लिए इसका पुनः अधिग्रहण आवश्यक है। दिल्ली जिमखाना क्लब एक पुराना और प्रतिष्ठित संस्थान है, जिसका स्थान राजधानी के अत्यंत महत्वपूर्ण क्षेत्र में है। इसी कारण इस पर सरकारी निगरानी और भूमि उपयोग को लेकर समय-समय पर सवाल उठते रहे हैं। इस विवाद ने लुटियंस दिल्ली में भूमि के उपयोग, विरासत संस्थानों की स्थिति और राज्य के सार्वजनिक हित बनाम निजी-संस्थागत अधिकारों के संतुलन पर नई बहस छेड़ दी है। अब इस मामले में अगला कदम अदालत की सुनवाई और सरकार तथा क्लब दोनों पक्षों की दलीलों पर निर्भर करेगा।।


by Dainikshamtak on | 2026-05-26 15:24:17

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