पीएम मोदी बोले, भारत में जल्द स्थापित होंगी 10 बड़ी सेमीकंडक्टर निर्माण इकाइयां

पीएम मोदी बोले, भारत में जल्द स्थापित होंगी 10 बड़ी सेमीकंडक्टर निर्माण इकाइयां

Narendra Modi ने कहा है कि आने वाले समय में भारत में 10 बड़े सेमीकंडक्टर निर्माण संयंत्र स्थापित किए जाएंगे। इस बयान को भारत की उभरती चिप निर्माण रणनीति, तकनीकी आत्मनिर्भरता और वैश्विक इलेक्ट्रॉनिक्स सप्लाई चेन में बढ़ती भूमिका के संदर्भ में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

विशेषज्ञों के अनुसार, सेमीकंडक्टर आधुनिक डिजिटल अर्थव्यवस्था की आधारभूत तकनीक माने जाते हैं। मोबाइल फोन, ऑटोमोबाइल, रक्षा प्रणालियां, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, डेटा सेंटर और उपभोक्ता इलेक्ट्रॉनिक्स सहित लगभग सभी आधुनिक तकनीकी क्षेत्रों में चिप्स की महत्वपूर्ण भूमिका होती है।

विश्लेषकों का कहना है कि कोविड महामारी और वैश्विक चिप संकट के बाद कई देशों ने सेमीकंडक्टर निर्माण को रणनीतिक प्राथमिकता बनाना शुरू किया है। भारत भी घरेलू विनिर्माण क्षमता बढ़ाने और वैश्विक सप्लाई चेन में अपनी हिस्सेदारी मजबूत करने पर जोर दे रहा है।

Narendra Modi के नेतृत्व में सरकार ने हाल के वर्षों में सेमीकंडक्टर मिशन, उत्पादन प्रोत्साहन योजनाएं और इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण निवेश को बढ़ावा देने के लिए कई नीतिगत कदम उठाए हैं। गुजरात, असम और अन्य राज्यों में चिप तथा इलेक्ट्रॉनिक्स परियोजनाओं को लेकर निवेश घोषणाएं भी सामने आई हैं।

तकनीकी विशेषज्ञों के अनुसार, सेमीकंडक्टर निर्माण अत्यंत पूंजी-गहन और जटिल उद्योग है, जिसमें उन्नत मशीनरी, स्थिर बिजली आपूर्ति, अल्ट्रा-प्योर जल और उच्च प्रशिक्षित तकनीकी कार्यबल की आवश्यकता होती है। इसलिए केवल निवेश घोषणा पर्याप्त नहीं होती, बल्कि दीर्घकालिक पारिस्थितिकी तंत्र निर्माण भी आवश्यक होता है।

हालांकि कुछ विश्लेषकों का कहना है कि भारत अभी वैश्विक सेमीकंडक्टर दिग्गजों जैसे ताइवान, दक्षिण कोरिया और अमेरिका की तुलना में शुरुआती चरण में है। लेकिन बड़े घरेलू बाजार, सरकारी प्रोत्साहन और भू-राजनीतिक सप्लाई चेन विविधीकरण भारत के लिए अवसर पैदा कर सकते हैं।

India वर्तमान में इलेक्ट्रॉनिक्स निर्माण, डेटा इंफ्रास्ट्रक्चर और AI तकनीकों पर तेजी से निवेश बढ़ा रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार, सेमीकंडक्टर उद्योग भविष्य में भारत की तकनीकी और औद्योगिक नीति का केंद्रीय स्तंभ बन सकता है।

सोशल मीडिया और उद्योग जगत में प्रधानमंत्री के बयान को लेकर सकारात्मक चर्चा देखने को मिली। कई लोगों ने इसे भारत की तकनीकी महत्वाकांक्षा और विनिर्माण विस्तार का संकेत बताया।

फिलहाल भारत में प्रस्तावित सेमीकंडक्टर इकाइयों को देश की दीर्घकालिक तकनीकी आत्मनिर्भरता और औद्योगिक विकास रणनीति के महत्वपूर्ण हिस्से के रूप में देखा जा रहा है।

by Dainikshamtak on | 2026-05-25 21:10:42

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