भारत ने जम्मू-कश्मीर के रंबन जिले में चिनाब नदी पर 1,856 मेगावाट सावलकोट जलविद्युत परियोजना का निर्माण शुरू कर दिया। राष्ट्रीय जलविद्युत निगम (NHPC) द्वारा विकसित यह 'रन-ऑफ-द-रिवर' परियोजना ₹5,129 करोड़ की लागत से बनेगी। यह परियोजना इंडस वाटर ट्रीटी निलंबन के बाद पहली बड़ी जलविद्युत परियोजना है। प्रोजेक्ट स्टेज-1 में 1,406 MW और स्टेज-2 में 450 MW क्षमता होगी। यह बगलीहर (ऊपरी) और सलाल (निचले) बांधों के बीच स्थित है।
NHPC ने 5 फरवरी 2026 को सिविल और हाइड्रो-मैकेनिकल कार्यों के लिए ई-टेंडर जारी किए। पर्यावरण मंत्रालय की शीर्ष समिति ने नई पर्यावरण मंजूरी दी। यह J&K का सबसे बड़ा जलविद्युत प्रोजेक्ट होगा और उत्तरी भारत के प्रमुख ऊर्जा स्रोतों में शुमार होगा। परियोजना सालाना 7,000 मिलियन यूनिट बिजली उत्पन्न करेगी। राष्ट्रीय महत्व का प्रोजेक्ट चिनाब नदी के जलविद्युत पोटेंशियल का अधिकतम उपयोग करेगा।
इंडस वाटर ट्रीटी के निलंबन के बाद पश्चिमी नदियों (चिनाब, झेलम, सिंधु) पर पूर्ण अधिकार मिलने से जलविद्युत विकास को गति मिली। परियोजना से क्षेत्रीय विकास, हजारों नौकरियां और सतत ऊर्जा उत्पादन होगा। ऊधमपुर-रंबन क्षेत्र में इंफ्रास्ट्रक्चर मजबूत होगा। यह भारत की ऊर्जा सुरक्षा को बढ़ाएगा। रन-ऑफ-रिवर प्रकृति के कारण बांध भंडारण न्यूनतम होगा। कंक्रीट ग्रैविटी डैम बनेगा। परियोजना 1984 से प्रस्तावित थी, कई देरी के बाद अब तेजी आई। पाकिस्तान ने जानकारी मांगी लेकिन भारत ने रणनीतिक प्राथमिकता दी। यह चिनाब घाटी के समग्र जलविद्युत विकास का हिस्सा है। स्वच्छ ऊर्जा से जलवायु लक्ष्य साकार होंगे।
by Dainikshamtak on | 2026-04-30 16:15:15