रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने दक्षिण भारत के लिए बुलेट ट्रेन नेटवर्क की महत्वाकांक्षी योजना की घोषणा की। इसके तहत अमरावती से हैदराबाद की दूरी मात्र 70 मिनट में तय होगी। विजयवाड़ा में गूगल क्लाउड AI हब के शिलान्यास के दौरान वैष्णव ने बताया कि अमरावती-हैदराबाद 70 मिनट, अमरावती-चेन्नई 112 मिनट, हैदराबाद-पुणे 1 घंटा 55 मिनट, पुणे-मुंबई 48 मिनट, चेन्नई-बेंगलुरु 73 मिनट और हैदराबाद-बेंगलुरु 2 घंटे 8 मिनट में तय होगी। इस 'उच्च गति हीरे' नेटवर्क को 7-8 वर्षों में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
1 जून 2026 से दक्षिण कोस्ट रेलवे जोन भी अधिसूचित हो जाएगा। पूर्वी गलियारे पर कोलकाता-चेन्नई डबल लाइन को चार लाइन में बदला जाएगा। आंध्र प्रदेश में वर्तमान में ₹1.06 लाख करोड़ के रेल परियोजनाएं चल रही हैं। पहले उमड़ी आंध्र को ₹886 करोड़ मिलते थे, अब केवल आंध्र को ₹10,134 करोड़ बजट आवंटित। वैष्णव ने चंद्रबाबू नायडू सरकार के निवेश आकर्षण की सराहना की। बुलेट ट्रेन मुंबई-अहमदाबाद 2027 तक चालू हो जाएगी। दक्षिण नेटवर्क आर्थिक विकास को गति देगा। यात्रा समय में भारी कमी से व्यापार, पर्यटन और रोजगार बढ़ेगा। यह योजना पूर्वोत्तर को भी जोड़ेगी। हाई-स्पीड रेल भारत को वैश्विक मानकों पर ले जाएगी। जापान से तकनीक हस्तांतरण हो रहा। वैष्णव ने कहा कि यह परिवर्तनकारी कदम होगा। आंध्र प्रदेश डिजिटल और इंफ्रास्ट्रक्चर हब बनेगा। बुलेट ट्रेन से लॉजिस्टिक्स लागत घटेगी। यह योजना चरणबद्ध रूप से लागू होगी। भूमि अधिग्रहण और फाइनेंशिंग पर कार्य शुरू। दक्षिण भारत के प्रमुख शहर जुड़ेंगे। वैष्णव का विजन क्षेत्रीय असंतुलन दूर करेगा।
by Dainikshamtak on | 2026-04-29 17:56:48