राहुल गांधी ने ग्रेट निकोबार मेगा प्रोजेक्ट को धरोहर के खिलाफ घोटाला बताया

राहुल गांधी ने ग्रेट निकोबार मेगा प्रोजेक्ट को धरोहर के खिलाफ घोटाला बताया

लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने अंडमान-निकोबार द्वीपसमूह के ग्रेट निकोबार में प्रस्तावित ₹81,000 करोड़ के महत्वाकांक्षी इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट को "देश के प्राकृतिक और आदिवासी धरोहर के खिलाफ सबसे बड़ा घोटाला और सबसे गंभीर अपराध" करार दिया। कैम्पबेल बे का दौरा करने के बाद गांधी ने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर कहा कि यह प्रोजेक्ट लाखों पेड़ों की कटाई, 160 वर्ग किलोमीटर वर्षावन के विनाश और आदिवासी समुदायों के विस्थापन का कारण बनेगा। उन्होंने इसे "विकास के नाम पर विनाश" बताया। गांधी ने कहा कि निकोबार के जंगल स्मृति से पुराने हैं और पीढ़ियों से पोषित हैं। सरकार इसे विकास कह रही लेकिन यह वास्तव में विनाश है। उन्होंने जनता से प्रोजेक्ट रोकने की अपील की।
प्रोजेक्ट में ट्रांसशिपमेंट पोर्ट, पावर प्लांट, हवाई अड्डा और टाउनशिप शामिल हैं। केंद्र इसे समुद्री व्यापार, कनेक्टिविटी और सुरक्षा के लिए रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण मानता है। NGT ने पर्यावरणीय मंजूरी दी। लेकिन आदिवासी समुदाय पारदर्शिता, पर्यावरण जोखिम और अधिकारों के उल्लंघन का आरोप लगा रहे। शोम्पेन और निकोबारी जैसे जनजातियों पर प्रभाव की चिंता है। गांधी ने केंद्रीय सरकार पर कॉर्पोरेट हितों को प्राथमिकता देने का आरोप लगाया। उनका दौरा विवाद को तूल देगा। सरकार ने इसे राष्ट्रीय हित का प्रोजेक्ट बताया। पूर्वोत्तर विकास का हिस्सा माना। लेकिन पर्यावरणविद् और आदिवासी संगठनों ने विरोध किया। गांधी ने स्थानीय लोगों से मुलाकात की। यह बयान आगामी चुनावों से पहले राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण। प्रोजेक्ट भारत के भू-रणनीतिक हितों को मजबूत करेगा।

by Dainikshamtak on | 2026-04-29 18:01:41

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