UAE ने OPEC और OPEC+ से निकलने का ऐलान किया: 1 मई से प्रभावी, वैश्विक तेल बाजार पर बड़ा असर

UAE ने OPEC और OPEC+ से निकलने का ऐलान किया: 1 मई से प्रभावी, वैश्विक तेल बाजार पर बड़ा असर

संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने 60 वर्षों के बाद OPEC और OPEC+ गठबंधन से अलग होने का ऐतिहासिक फैसला लिया है। यह निर्णय 1 मई 2026 से प्रभावी होगा। UAE के ऊर्जा मंत्री सुहेल अल मजरूई ने बताया कि देश अपनी उत्पादन क्षमता बढ़ाने और बाजार की मांग के अनुसार स्वतंत्र नीति अपनाने के लिए यह कदम उठा रहा। लंबे समय से सऊदी अरब के साथ उत्पादन कोटा को लेकर मतभेद थे। UAE को प्रतिदिन 3-3.5 मिलियन बैरल उत्पादन सीमा से असंतुष्टि थी। पश्चिम एशिया संकट और ईरान युद्ध के कारण होर्मुज जलडमरूमध्य में व्यवधान ने तेल कीमतों को $110 प्रति बैरल से ऊपर पहुंचा दिया। UAE ने इसे स्वतंत्र उत्पादन बढ़ाने का अवसर माना।
OPEC की सदस्य संख्या घटकर 11 रह जाएगी। OPEC+ में 10 गैर-OPEC देश भी शामिल हैं। UAE ने कहा कि वह जिम्मेदारीपूर्वक उत्पादन बढ़ाएगा। सऊदी अरब के नेतृत्व वाले कार्टेल को बड़ा झटका लगा। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इसे अपनी नीतियों की जीत बताया। तेल बाजारों में तत्काल बड़ा व्यवधान नहीं होगा लेकिन लंबे समय में OPEC का प्रभाव कम हो सकता है। UAE अब स्वतंत्र रूप से निर्यात बढ़ा सकेगा। ईरान के साथ संबंधों में बदलाव और सऊदी के साथ रणनीतिक मतभेद प्रमुख कारण। वैश्विक ऊर्जा राजनीति में बड़ा परिवर्तन। भारत जैसे आयातक देशों पर असर पड़ेगा। ATF और पेट्रोल-डीजल कीमतें प्रभावित होंगी। UAE ने उत्पादन विस्तार के लिए भारी निवेश किया। यह कदम खाड़ी तेल शक्तियों के बीच नया समीकरण बनाएगा। OPEC+ की एकजुटता कमजोर हुई। सऊदी पर दबाव बढ़ा। UAE अब स्वतंत्र ऊर्जा नीति अपनाएगा।

by Dainikshamtak on | 2026-04-29 18:16:18

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