DRDO ने सक्रिय शीतलित लंबी अवधि स्क्रैमजेट इंजन का सफल ग्राउंड परीक्षण किया: भारत विश्व का चौथा देश बना

DRDO ने सक्रिय शीतलित लंबी अवधि स्क्रैमजेट इंजन का सफल ग्राउंड परीक्षण किया: भारत विश्व का चौथा देश बना

रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन ने पूर्ण आकार के सक्रिय शीतलित लंबी अवधि स्क्रैमजेट इंजन का सफल ग्राउंड परीक्षण किया। डीआरडीएल की स्क्रैमजेट कनेक्ट पाइप टेस्ट सुविधा में इंजन ने 12 मिनट से अधिक समय तक संचालित रहा। यह परीक्षण हाइपरसोनिक क्रूज मिसाइल विकास कार्यक्रम के लिए महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। स्क्रैमजेट इंजन वायुमंडलीय ऑक्सीजन का उपयोग करता है और ध्वनि की गति से अधिक गति पर दहन करता है। इस परीक्षण ने उन्नत स्क्रैमजेट कंबस्टर डिजाइन और परीक्षण सुविधा दोनों की क्षमता को प्रमाणित किया। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने डीआरडीओ, उद्योग साझेदारों और शैक्षणिक संस्थानों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि हाइपरसोनिक मिसाइल कार्यक्रम के लिए मजबूत आधार प्रदान करती है। भारत अब अमेरिका, रूस और चीन के बाद स्क्रैमजेट इंजन का सफल फ्लाइट परीक्षण प्रदर्शित करने वाला विश्व का चौथा देश बन गया। स्क्रैमजेट प्रौद्योगिकी मच 5 से अधिक गति वाली हाइपरसोनिक मिसाइलों के लिए आवश्यक है। यह इंजन पारंपरिक जेट इंजनों से भिन्न है क्योंकि इसमें कोई घूमने वाले भाग नहीं होते। वायु को सुपरसोनिक गति पर संपीड़ित कर दहन किया जाता है। डीआरडीओ ने 2006 से स्क्रैमजेट तकनीक पर कार्य प्रारंभ किया था। 2025 में 1000 सेकंड का ग्राउंड परीक्षण और 2026 में तीसरा परीक्षण सफल रहा। यह परीक्षण हाइपरसोनिक प्रौद्योगिकी डेमॉन्स्ट्रेटर वाहन कार्यक्रम का हिस्सा है। भारत ने एचएसटीडीवी के माध्यम से हाइपरसोनिक प्रौद्योगिकी प्रदर्शित की। स्क्रैमजेट इंजन हल्का और ईंधन-कुशल होता है। लंबी दूरी तय करने की क्षमता प्रदान करता है। परीक्षण में एंडोर्स जेल ईंधन का उपयोग किया गया। यह इग्निशन को सरल बनाता है और तापमान नियंत्रण में सहायक है। डीआरडीओ ने स्वदेशी परीक्षण सुविधा विकसित की। हाइपरसोनिक मिसाइलें दुश्मन के एयर डिफेंस को भेद सकती हैं। यह प्रौद्योगिकी भारत की रक्षा क्षमता को अभूतपूर्व रूप से मजबूत करेगी। भविष्य के युद्धक्षेत्र में हाइपरसोनिक हथियार निर्णायक होंगे। 


by Dainikshamtak on | 2026-04-26 15:22:56

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