भारतीय नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने हब-एंड-स्पोक मॉडल को बढ़ावा देकर 2047 तक अर्थव्यवस्था में 1.4 ट्रिलियन डॉलर का आर्थिक प्रभाव उत्पन्न करने का लक्ष्य रखा है। नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू ने उच्च स्तरीय हितधारक बैठक में बताया कि इस पहल से 16 मिलियन प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष नौकरियां सृजित होंगी। हब-एंड-स्पोक मॉडल में छोटे शहरों से उड़ानें प्रमुख हब जैसे दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु और हैदराबाद में समन्वित होंगी। वहां से अंतरराष्ट्रीय कनेक्टिविटी सुनिश्चित होगी। इससे क्षेत्रीय हवाई संपर्क मजबूत होगा और टियर-2, टियर-3 शहरों का विकास होगा। उद्घाटन विकास कार्यक्रम (UDAN) के तहत 500 से अधिक हवाई अड्डों का नेटवर्क विकसित किया जा रहा है। वर्तमान में 157 हवाई अड्डे कार्यरत हैं जो 2047 तक दोगुने हो जाएंगे। यह मॉडल वैश्विक ट्रांजिट हब बनाने की दिशा में कदम है। नायडू ने दिल्ली हवाई अड्डे की तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि हब-एंड-स्पोक से यात्रा समय कम होगा और लागत घटेगी। पर्यटन, व्यापार और निवेश को प्रोत्साहन मिलेगा। एविएशन क्षेत्र का योगदान जीडीपी में 5 प्रतिशत तक पहुंचेगा। 1.6 लाख करोड़ रुपये का वार्षिक आर्थिक प्रभाव होगा। 2047 तक यात्री यातायात 20 करोड़ से बढ़कर 30 करोड़ हो जाएगा। विमान संख्या 800 से 3000 तक पहुंचेगी। सरकार ने 100 नई हरित हवाई अड्डों की योजना बनाई है। सस्टेनेबल एविएशन फ्यूल पर जोर दिया जा रहा है। निजी क्षेत्र की भागीदारी बढ़ाई जा रही है। इंडिगो, एयर इंडिया और स्पाइसजेट जैसी कंपनियां विस्तार कर रही हैं। यह पहल विकास भारत अभियान से जुड़ी है। छोटे शहरों में रोजगार अवसर बढ़ेंगे। पर्यटन उद्योग को उछाल मिलेगा। वैश्विक स्तर पर भारत तीसरा सबसे बड़ा एविएशन बाजार बनेगा। सरकार ने इंफ्रास्ट्रक्चर निवेश के लिए 1 लाख करोड़ आवंटित किए हैं।
by Dainikshamtak on | 2026-04-26 15:18:15