भारत के सिंधु जल संधि निलंबन पर पाकिस्तान ने UNSC में मांगी मदद: गर्मी बढ़ने के बीच जल संकट का रोना

भारत के सिंधु जल संधि निलंबन पर पाकिस्तान ने UNSC में मांगी मदद: गर्मी बढ़ने के बीच जल संकट का रोना

पाकिस्तान ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भारत के सिंधु जल संधि निलंबन के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। इस्लामाबाद ने गर्मी की तीव्रता बढ़ने के बीच जल संकट को मानवीय आपदा करार देते हुए तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। पाकिस्तान के स्थायी प्रतिनिधि असिम इफ्तिखार अहमद ने UNSC अध्यक्ष जमाल फारेस अलरावई को उप-प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री इशाक डार का पत्र सौंपा। पत्र में भारत के इस कदम को अवैध करार देते हुए कहा गया कि इससे दक्षिण एशिया में शांति और सुरक्षा को गंभीर खतरा उत्पन्न हो गया है। 2025 में पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत ने संधि निलंबित कर दी थी जिसमें 26 पर्यटकों की मौत हुई थी। भारत ने राष्ट्रीय सुरक्षा का हवाला देते हुए कहा था कि खून और पानी एक साथ नहीं बह सकते। पाकिस्तान ने हमले की निंदा की थी लेकिन संलिप्तता से इनकार किया। संधि निलंबन के बाद पाकिस्तान ने शिमला समझौता निलंबित कर दिया और व्यापार बंद कर दिया। विश्व बैंक की मध्यस्थता से 1960 में हुई इस संधि के तहत भारत को पूर्वी नदियों और पाकिस्तान को पश्चिमी नदियों का जल मिलता है। गर्मियों में पाकिस्तान को कृषि और जलविद्युत के लिए सिंधु नदी प्रणाली पर निर्भरता बढ़ जाती है। इस्लामाबाद ने दावा किया कि 240 मिलियन लोगों का जीवन प्रभावित हो रहा है। भारत ने स्पष्ट किया कि संधि का पुनरीक्षण चल रहा है और आतंकवाद समाप्त होने तक सामान्य सहयोग संभव नहीं। पाकिस्तान ने इसे आक्रामक कदम बताते हुए निचले जलग्रहण वाले सभी देशों के लिए खतरा बताया। UNSC में बंद कमरे की बैठक हुई जिसमें पाकिस्तान ने अपने उद्देश्य हासिल करने का दावा किया। भारत ने कहा कि यह द्विपक्षीय मुद्दा है और तीसरे पक्ष का हस्तक्षेप स्वीकार्य नहीं। गर्म लहर के बीच पाकिस्तान ने जल को हथियार बनाने का आरोप लगाया। विशेषज्ञों का मानना है कि भारत के पास अभी जल को बड़े पैमाने पर मोड़ने की क्षमता नहीं है लेकिन संधि निलंबन ने तनाव बढ़ा दिया। दोनों देशों के बीच संबंध पहले से ही नाजुक हैं। 


by Dainikshamtak on | 2026-04-26 15:24:49

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