वैश्विक रियल एस्टेट कंसल्टेंसी Knight Frank की नवीनतम रिपोर्ट के अनुसार, भारत के दो प्रमुख शहर मुंबई और हैदराबाद वैश्विक डेटा सेंटर क्षमता (Data Centre Capacity) के मामले में उल्लेखनीय स्थान पर पहुंच गए हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, मुंबई दुनिया में 15वें और हैदराबाद 27वें स्थान पर है। यह उपलब्धि भारत में तेजी से बढ़ती डिजिटल अर्थव्यवस्था, क्लाउड कंप्यूटिंग, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), 5G सेवाओं और डेटा स्टोरेज की बढ़ती मांग को दर्शाती है। विशेषज्ञों का मानना है कि भारत में डिजिटल सेवाओं के विस्तार, ऑनलाइन कारोबार, फिनटेक, ई-कॉमर्स और सरकारी डिजिटल पहलों ने डेटा सेंटर उद्योग को तेज़ी से आगे बढ़ाया है। मुंबई लंबे समय से देश का प्रमुख वित्तीय और तकनीकी केंद्र रहा है, जहां मजबूत इंटरनेट कनेक्टिविटी, समुद्री केबल नेटवर्क और बेहतर बिजली अवसंरचना डेटा सेंटर निवेश को आकर्षित करती है। वहीं, हैदराबाद तेजी से उभरते आईटी हब, अनुकूल औद्योगिक नीतियों और वैश्विक तकनीकी कंपनियों की बढ़ती मौजूदगी के कारण डेटा सेंटर क्षेत्र में अपनी मजबूत पहचान बना रहा है। रिपोर्ट के अनुसार, आने वाले वर्षों में भारत में डेटा सेंटर क्षमता में और तेज़ वृद्धि की संभावना है। AI, क्लाउड सेवाओं, डिजिटल भुगतान, वीडियो स्ट्रीमिंग और सरकारी डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के विस्तार से उच्च क्षमता वाले डेटा सेंटरों की मांग लगातार बढ़ रही है। सरकार की डिजिटल इंडिया पहल, डेटा लोकलाइजेशन से जुड़े प्रयास और बड़े पैमाने पर तकनीकी निवेश भी इस क्षेत्र को गति दे रहे हैं। उद्योग विशेषज्ञों का कहना है कि डेटा सेंटर क्षेत्र में बढ़ते निवेश से रोजगार, डिजिटल अवसंरचना और विदेशी निवेश को भी बढ़ावा मिलेगा। मुंबई और हैदराबाद की यह वैश्विक रैंकिंग भारत के तेजी से विकसित हो रहे डिजिटल इकोसिस्टम और तकनीकी क्षमता का महत्वपूर्ण संकेत मानी जा रही है। आने वाले वर्षों में भारत एशिया-प्रशांत क्षेत्र के प्रमुख डेटा सेंटर बाजारों में और मजबूत स्थिति हासिल कर सकता है।
by Dainikshamtak on | 2026-08-07 22:29:00