भारतीय रेलवे ने वैश्विक परिवहन क्षेत्र में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि दर्ज की है। उपलब्ध आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, भारतीय रेलवे (Indian Railways) अब दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा रेल मालवाहक (Rail Freight Carrier) नेटवर्क बन चुका है। रेलवे हर वर्ष लगभग 1.6 अरब टन (1.6 Billion Tonnes) माल की ढुलाई करता है, जिससे वह इस मामले में संयुक्त राज्य अमेरिका (USA) और रूस जैसे देशों से भी आगे निकल गया है। यह उपलब्धि भारत की बढ़ती औद्योगिक क्षमता, मजबूत लॉजिस्टिक्स नेटवर्क और रेलवे के आधुनिकीकरण का महत्वपूर्ण संकेत मानी जा रही है। भारतीय रेलवे देशभर में कोयला, सीमेंट, इस्पात, उर्वरक, खाद्यान्न, कंटेनर, पेट्रोलियम उत्पाद और अन्य आवश्यक वस्तुओं की बड़े पैमाने पर ढुलाई करता है। पिछले कुछ वर्षों में सरकार ने डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर (DFC), आधुनिक मालगाड़ियों, डिजिटल लॉजिस्टिक्स और बुनियादी ढांचे के विस्तार पर विशेष ध्यान दिया है। विशेषज्ञों का मानना है कि इन सुधारों से माल परिवहन की गति, क्षमता और दक्षता में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। रेलवे के माध्यम से अधिक माल ढुलाई होने से सड़क परिवहन पर दबाव कम होता है, ईंधन की बचत होती है और कार्बन उत्सर्जन में भी कमी आती है। यही कारण है कि भारतीय रेलवे को देश की आर्थिक वृद्धि और आपूर्ति श्रृंखला (Supply Chain) का प्रमुख आधार माना जाता है। सरकार का लक्ष्य आने वाले वर्षों में रेलवे की माल ढुलाई क्षमता को और बढ़ाना तथा भारत को वैश्विक लॉजिस्टिक्स हब के रूप में स्थापित करना है। विशेषज्ञों का कहना है कि तेज़ी से बढ़ते औद्योगिक उत्पादन, निर्यात और विनिर्माण गतिविधियों के साथ भारतीय रेलवे की भूमिका और अधिक महत्वपूर्ण होती जाएगी। रेलवे का यह प्रदर्शन देश की मजबूत आर्थिक गतिविधियों, बुनियादी ढांचे में निवेश और परिवहन क्षेत्र में हुए सुधारों को भी दर्शाता है। यह उपलब्धि भारत की लॉजिस्टिक्स क्षमता को वैश्विक स्तर पर नई पहचान दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
by Dainikshamtak on | 2026-08-05 23:41:58