भारतीय वायुसेना की विशेष बल इकाई गरुड़ कमांडो फोर्स (Garud Commandos) की युद्धक क्षमता को और मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया जा रहा है। रिपोर्टों के अनुसार, गरुड़ कमांडो को जल्द ही .50 BMG (12.7 मिमी) स्नाइपर राइफलें और लगभग 40 किलोमीटर रेंज वाली लॉइटरिंग म्यूनिशन (Loitering Munitions) से लैस किया जाएगा। इस प्रस्तावित आधुनिकीकरण का उद्देश्य विशेष अभियानों, लंबी दूरी की सटीक निगरानी तथा उच्च-मूल्य वाले लक्ष्यों के विरुद्ध ऑपरेशनल क्षमता को बढ़ाना है। .50 BMG श्रेणी की स्नाइपर राइफलें अपनी लंबी दूरी, उच्च सटीकता और कठिन परिस्थितियों में प्रभावी प्रदर्शन के लिए जानी जाती हैं। वहीं, लॉइटरिंग म्यूनिशन ऐसे मानवरहित हथियार होते हैं जो लक्ष्य क्षेत्र के ऊपर कुछ समय तक मंडराकर उपयुक्त लक्ष्य की पहचान करने के बाद सटीक हमला करने में सक्षम होते हैं। रक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, इस तरह की प्रणालियां आधुनिक युद्धक्षेत्र में विशेष बलों की क्षमता को महत्वपूर्ण रूप से बढ़ाती हैं। गरुड़ कमांडो भारतीय वायुसेना के एयरबेस, महत्वपूर्ण सैन्य प्रतिष्ठानों, आतंकवाद-रोधी अभियानों, विशेष ऑपरेशनों और संवेदनशील मिशनों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। हाल के वर्षों में भारत ने अपनी तीनों सेनाओं के आधुनिकीकरण पर विशेष ध्यान दिया है, जिसके तहत आधुनिक हथियार, ड्रोन, निगरानी प्रणालियां और स्वदेशी रक्षा तकनीकों को प्राथमिकता दी जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि उन्नत स्नाइपर सिस्टम और लॉइटरिंग म्यूनिशन जैसी तकनीकों के शामिल होने से गरुड़ कमांडो की सटीकता, प्रतिक्रिया क्षमता और मिशन की सफलता की संभावना और बढ़ेगी। हालांकि, इन प्रणालियों की खरीद, आपूर्ति और तैनाती से संबंधित विस्तृत आधिकारिक जानकारी रक्षा मंत्रालय या भारतीय वायुसेना की ओर से चरणबद्ध रूप से जारी की जाएगी। यह कदम भारत की विशेष बलों को आधुनिक युद्ध की आवश्यकताओं के अनुरूप और अधिक सक्षम बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
by Dainikshamtak on | 2026-08-05 23:39:21