भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल ने राष्ट्रीय सुरक्षा और देश के भविष्य को लेकर महत्वपूर्ण टिप्पणी करते हुए कहा कि हर कोई भारत को एक मजबूत और विकसित राष्ट्र के रूप में नहीं देखना चाहता। उन्होंने कहा कि भारत आज जिस गति से आर्थिक, सामरिक, तकनीकी और वैश्विक स्तर पर आगे बढ़ रहा है, उसे कई शक्तियां अपने हितों के लिए चुनौती के रूप में देखती हैं। इसलिए देश को आंतरिक और बाहरी दोनों प्रकार के खतरों के प्रति लगातार सतर्क रहने की आवश्यकता है। अजीत डोभाल ने कहा कि किसी भी राष्ट्र की सुरक्षा केवल उसकी सैन्य शक्ति से नहीं, बल्कि उसकी आर्थिक मजबूती, सामाजिक एकता, तकनीकी आत्मनिर्भरता और राष्ट्रीय संकल्प से तय होती है। उन्होंने युवाओं से भी आह्वान किया कि वे व्यक्तिगत हितों से ऊपर उठकर राष्ट्रहित को सर्वोच्च प्राथमिकता दें और भारत के विकास तथा सुरक्षा में अपनी सक्रिय भूमिका निभाएं। उनके अनुसार, आज के दौर में साइबर हमले, दुष्प्रचार, आर्थिक दबाव, तकनीकी प्रतिस्पर्धा और भू-राजनीतिक चुनौतियां पारंपरिक सुरक्षा खतरों जितनी ही गंभीर हो चुकी हैं। ऐसे समय में देश की संस्थाओं, नागरिकों और युवाओं को मिलकर राष्ट्रीय हितों की रक्षा करनी होगी। डोभाल ने यह भी कहा कि भारत की बढ़ती वैश्विक भूमिका के कारण कई अंतरराष्ट्रीय शक्तियां देश के उभरते प्रभाव को अलग-अलग दृष्टिकोण से देख रही हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि हाल के वर्षों में भारत ने रक्षा, अंतरिक्ष, डिजिटल प्रौद्योगिकी, विनिर्माण और कूटनीति के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है, जिससे उसकी वैश्विक स्थिति मजबूत हुई है। राष्ट्रीय सुरक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, बदलते वैश्विक परिदृश्य में आत्मनिर्भरता, नवाचार और राष्ट्रीय एकता भारत की सबसे बड़ी ताकत बन सकते हैं। डोभाल का यह संदेश ऐसे समय आया है जब भारत विकसित राष्ट्र बनने के लक्ष्य की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने जोर देकर कहा कि राष्ट्रीय हित को सर्वोपरि रखना और देश की सुरक्षा के प्रति जागरूक रहना प्रत्येक नागरिक की सामूहिक जिम्मेदारी है।
by Dainikshamtak on | 2026-08-03 16:34:22